अगर 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले बीजू जनता दल के सुप्रीमो और तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने करीबी आईएएस अधिकारी वीके पांडियन की बजाय उनकी पत्नी सुजाता कार्तिकेयन को आगे किया होता तो शायद भाजपा को यह मुद्दा बनाने का मौका नहीं मिलता कि नवीन बाबू एक तमिल व्यक्ति को अपना उत्तराधिकारी बना रहे हैं और तब शायद नतीजा भी वैसा नहीं आता, जैसा आया है। लेकिन वह समय बीत गया। भाजपा ने इस बात का नैरेटिव बना दिया कि नवीन पटनायक ओड़िया अस्मिता को दांव पर लगा कर एक तमिल व्यक्ति को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। इस मामले से बीजू जनता दल को बड़ा नुकसान हुआ। बाद में पांडियन परदे के पीछे गए और उनकी पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन आगे आईं।
सुजाता भी आईएएस थीं और नवीन पटनायक सरकार की ओर से महिलाओं के लिए शुरू की गई योजना मिशन शक्ति के पीछे उनका दिमाग था। उन्होंने इस योजना को सफल बनाने के लिए बड़ी मेहनत की थी। उन्होंने भी आईएएस से इस्तीफा दे दिया। अब वे औपचारिक रूप से बीजू जनता दल में शामिल हो गई हैं। उनके पति वीके पांडियन पहले से भाजपा में हैं। अब माना जा रहा है कि सुजाता राउत कार्तिकेयन बीजू जनता दल का चेहरा हैं और नवीन पटनायक की उत्तराधिकारी हैं। कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि नवीन पटनायक ने अपने बड़े भाई से और परिवार के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि उनके भतीजे और भांजे राजनीति में आने के लिए बहुत उत्सुक नहीं हैं। इसलिए बाहर से उत्तराधिकारी खोजना पड़ रहा है।
