स्थानीय निकाय चुनावों में आमतौर पर सत्तारूढ़ दल को फायदा होता है। जिसकी सरकार होती है उसको बड़ी जीत मिलती है। पिछले दिनों महाराष्ट्र में ऐसा ही हुआ। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व की सरकार है तो उसके नेतृत्व वाले गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की। अकेले भाजपा ने 50 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की। इससे मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की स्थिति मजबूत हुई। ठीक वैसे ही तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की है और इससे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की स्थिति मजबूत हुई है। पिछले दिनों जुबली हिल्स विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली बड़ी जीत से भी उनका कद बढ़ा था।
तेलंगाना में 116 नगरपालिकाओं और सात नगर निगमों का चुनाव हुआ था। इसमें से कांग्रेस ने 80 नगरपालिकों में जीत हासिल की है। इस तरह कांग्रेस ने अकेले तीन चौथाई के करीब नगरपालिकाओं पर कब्जा किया। इसी तरह सात नगर निगमों में से चार पर कांग्रेस ने कब्जा किया। भाजपा तेलंगाना में बहुत जोर लगा रही है कि लेकिन नतीजों से पता चला कि अब भी जमीनी स्तर पर भाजपा की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है। उसे सिर्फ चार नगरपालिकाओं में जीत मिली और मुख्य विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति ने 25 नगरपालिकाओं में जीत हासिल की।
