कांग्रेस पार्टी और दूसरी विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेता भ्रम में आ गए थे। उनको लग रहा था कि नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल उनके साथ है। असल में छह अक्टूबर को निर्वाचन सदन के घेराव के कार्यक्रम में बीजद के कुछ नेता शामिल हुए थे। डीएमके जैसी पार्टी के सांसदों के दूर रहने और बीजद सांसदों के शामिल होने से ही कांग्रेस को यह लगा कि कम से कम इस मसले पर विपक्ष को बीजद का समर्थन है। लेकिन बीजद ने साफ कर दिया है कि वह ‘इंडिया’ ब्लॉक के साथ नहीं है।
इसे और स्पष्ट करने के लिए बीजू जनता दल ने कहा है कि ‘इंडिया’ ब्लॉक की ओर से ओडिशा बंद के आह्वान में वह शामिल नहीं है। गौरतलब है कि छह अक्टूबर के प्रदर्शन में बीजू जनता दल के राज्यसभा में नेता मानस मंगराज ने हिस्सा लिया था। उनके अलावा सुलता देव और पूर्व सांसद मुजीबुल्ला खान भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। अब पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मनमानियों से उनका विरोध है। वे इसके खिलाफ प्रदर्शन भी करेंगे लेकिन कांग्रेस और ‘इंडिया’ ब्लॉक का न तो हिस्सा बनेंगे और न उनकी ओर से घोषित किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे। अब ओडिशा में कांग्रेस को अकेले ही प्रदर्शन करना होगा। बीजद का प्रदर्शन अलग होगा।
