Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

एक्जिट पोल की दिशा साफ है

भारत में ओपिनियन पोल और एक्जिट पोल दोनों पर भरोसा नहीं किया जाता है। इनके नतीजे, जिसके पक्ष में जाते हैं वह भी सवाल उठाता है और जिसके खिलाफ बताए जाते हैं वह तो खैर यकीन नहीं ही करता है। आम आदमी भी मनोरंजन के लिए ओपिनियन और एक्जिट पोल देखता है। यही कारण है कि तमाम बड़ी एजेंसियों ने अपने को एक्जिट पोल के तमाशे से अलग कर लिया है। सीएसडीएस और लोकनीति ने पहले अपने को अलग किया। बाद में सी वोटर ने भी एक्जिट पोल लगभग बंद कर दिया।

एक्सिस माई इंडिया ने भी इन दोनों एजेसियों की राह पकड़ी लेकिन यह एजेंसी किसी राज्य में एक्जिट पोल करती है और जहां चुनाव ज्यादा उलझा हुआ होता है वहां कहती है पोस्ट पोल करेंगे। सीएसडीएस का जोर भी पोस्ट पोल सर्वे पर ही। फिर भी इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर बार के एक्जिट पोल से चुनाव नतीजों की दिशा मिल जाती है। अपवाद के लिए एकाध बार ही इनका डायरेक्शन गलत साबित हुआ होगा।

सो, एक्जिट पोल की आलोचना करने या इनके नतीजों को सीधे खारिज कर देने की बजाय इन्हें राइडर के साथ पढ़ना होता है। ये जो संख्या बताते हैं और जो मार्जिन देते हैं वह भी हास्यास्पद होता है। अक्सर गलत साबित होता है लेकिन उससे भी नतीजों की दिशा मिलती है। सो, इस बार पांच राज्यों के चुनाव से पहले आए एक्जिट पोल से भी नतीजों की दिशा मिल गई है। यह साफ हो गया है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की विदाई हो रही है और भारतीय जनता पार्टी सरकार बना रही है। पहली बार भाजपा बंगाल में सरकार बनाने जा रही है। उसने पूर्वी भारत के हर किले पर कब्जा कर लिया है।

पहले वह ओडिशा में जीती। उसके बाद बिहार में नीतीश कुमार को हटा कर अपना मुख्यमंत्री बनाया और अब पश्चिम बंगाल में उसका मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। भाजपा हमेशा कहती रही है कि बंगाल का उसकी राजनीति में खास योगदान है क्योंकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी, जो बाद में भारतीय जनता पार्टी बनी। भाजपा के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के निजी सहायक बने थे। बहरहाल, सीटों की संख्या के मामले में हो सकता है कि एक्जिट पोल के अनुमान गलत हों पर नतीजा सही होगा।

इसी तरह तमिलनाडु में डीएमके की वापसी का आकलन सभी एक्जिट पोल अनुमानों में किया गया है। संख्या थोड़ी ऊपर या नीचे हो सकती है लेकिन इसकी भी दिशा साफ दिख रही है। सिर्फ एक एजेंसी ने फिल्म स्टार जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके की जीत बताई है। हर राज्य में कोई न कोई एजेंसी ऐसा दुस्साहस करती है। एक्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक कांग्रेस के लिए केरल उम्मीदों का प्रदेश है। वहां सभी एक्जिट पोल अनुमानों में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। 10 साल के बाद कांग्रेस राज्य की सत्ता में वापसी करेगी। हालांकि लेफ्ट फ्रंट के बहुत खराब प्रदर्शन करने का अनुमान नहीं है। यानी नजदीकी मुकाबले में कांग्रेस जीतेगी।

इसी तरह की भविष्यवाणी तमिलनाडु के लिए भी की गई है। असम में सभी एक्जिट पोल अनुमानों में भाजपा सरकार की वापसी बताई गई है। यानी भारतीय जनता पार्टी जीत की हैट्रिक बना रही है। कांग्रेस एक बार फिर बहुत कम सीटों पर सिमटने वाली है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी एनडीए की वापसी हो रही है। वहां कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की वजह से डीएमके को भी नुकसान होगा। इस बार के एक्जिट पोल अनुमानों की खास बात यह है कि सभी राज्यों में एकाध अपवाद को छोड़ कर सभी एजेंसियों ने नजदीकी मुकाबला बताया है।

Exit mobile version