वीडी सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। उनके साथ 20 और मंत्री बने हैं। इस तरह कैबिनेट का पूरा कोटा भर दिया गया है। सतीशन ने शपथ से एक दिन पहले रविवार की शाम को ही मंत्रियों की सूची जारी कर दी थी। इस तरह यह दिखाया गया कि सरकार में मंत्रियों की संख्या या मंत्रालयों को लेकर कोई विवाद नहीं है। यह अच्छा संकेत है। लेकिन सरकार जब कामकाज शुरू करेगी तो सबसे पहला विवाद पीएम श्री योजना को लेकर हो सकता है। इस मुद्दे पर वाम मोर्चे की पिछली सरकार के अंदर भी विवाद हुआ था और सीपीएम व सीपीआई आपस में टकराए थे।
असल में केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत पीएम श्री यानी पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया की एक योजना शुरू की है। इसके तहत देश भर के करीब 15 हजार स्कूलों को अतिरिक्त फंड देकर मॉडल स्कूल के तौर पर विकसित किया जाना है। पिनरायी विजयन के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार ने पहले नई शिक्षा नीति का विरोध किया। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री ने फंड की जरुरत के हिसाब से इस योजना को लागू करना चाहा। परंतु सीपीआई के विरोध की वजह से उनको इसे स्थगित करना पड़ा। अगर सतीशन की सरकार पीएम श्री योजना लागू करती है या फंड की जरुरत के हिसाब से नई शिक्षा नीति को अपनाती है तो कांग्रेस के अंदर से भी हो सकता है विरोध हो। लेकिन मुस्लिम लीग और दूसरी सहयोगी पार्टियां कांग्रेस का विरोध करेंगी। देखना होगा कि सतीशन कैसे इसे साधते हैं।
