Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

झारखंड भाजपा को जवाब देना होगा

पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ झारखंड में छात्रों का जो आंदोलन हुआ था वह बाद के दिनों में भाजपा के आंदोलन में तब्दील हो गया था। 10 अगस्त के प्रदर्शन के बाद इस आंदोलन में भाजपा की भूमिका बढ़ी थी। उसके कई पूर्व मुख्यमंत्री जैसे बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास आदि प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसलिए अब जब छात्रों के प्रदर्शन के कारण पिछले करीब 10 साल की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और 22 सौ से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं तो भाजपा से सवाल पूछा जा रहा है।

राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी इसका रुख भाजपा की ओर मोड़ रही है। गौरतलब है कि पिछले 10 साल की परीक्षाएं रद्द हुईं तो उन परीक्षाओं द्वारा चयनित अधिकारियों और कर्मचारियों की नौकरी समाप्त कर दी गई। उसके बाद उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 22 सौ से ज्यादा कर्मचारी और उनके परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। जेएमएम के नेता उन प्रदर्शनकारियों से कह रहे हैं कि वे भाजपा नेताओं से बात करें। हटाए गए अधिकारी व कर्मचारी अदालत पहुंचे हैं। इस बीच दोनों तरफ से श्रेय लेने और दूसरे पर ठीकरा फोड़ने का अभियान शुरू हो गया है।

Exit mobile version