दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर ने कार्यभार संभालने के 24 घंटे के भीतर जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगभग समाप्त करा दिया। सोनम वांगचुक को पुलिस ने शनिवार की सुबह उठा लिया। कोई कह नहीं रहा है लेकन यह ‘ऑपरेशन सफेद चादर’ था। सादी वर्दी में पुलिस वाले सफेद चादर लेकर पहुंचे, उसका घेरा बनाया और सोनम वांगचुक को उठा कर ले गए। सवाल है कि क्या इसलिए दिल्ली में पुलिस कमिश्नर बदला गया। गौरतलब है कि एक साल के अंदर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो पुलिस कमिश्नर बदले।
दिल्ली पुलिस आयुक्त के तौर पर शुक्रवार को अनुराग कुमार की नियुक्ति के बाद ही यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर केंद्र सरकार क्या चाहती है, जो दूसरे पुलिस अधिकारी नहीं कर पा रहे हैं? गौरतलब है कि शुक्रवार, 17 जुलाई को अचानक दिल्ली के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को बदलने का फैसला हुआ। वे उस समय एक सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे, जब उनको हटाए जाने और नई नियुक्ति के लिए इंतजार करने को कहा गया। उनकी जगह 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार को नियुक्त किया गया।
नए पुलिस कमिश्नर ने दो घंटे के अंदर कामकाज संभाल लिया और ऐसा लग रहा है कि उसी समय उन्होंने शनिवार सुबह की योजना बना ली। अब उनके ऊपर 20 जुलाई के संसद मार्च तक शांति बनाए रखने और उस मार्च को विफल करने की जिम्मेदारी है। ऐसा लग रहा है कि सतीश गोलचा छह जून से लेकर अभी तक कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन नहीं रोक पाए उसकी सजा मिली है, जो वे वेटिंग फॉर पोस्टिंग में हैं। उनसे पहले पिछले साल इसी तरह एसबीके सिंह को हटाया गया था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के एक दिन बाद उनको हटाया गया था। वे सिर्फ 21 दिन पद पर रहे।
