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एमएलसी चुनाव से बैलेट विरोध की राजनीति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को रद्द करने के लिए चल रहे विपक्ष के अभियान में एक बात यह भी जोड़ी गई है कि चुनाव बैलेट पेपर से हो। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठियों में भी इसका जिक्र किया है। विपक्ष कह रहा है कि पुरानी मतदाता सूची पर बैलेट पेपर से चुनाव हो। इस बीच अचानक बैलेट पेपर से चुनाव कराने के खिलाफ मीडिया और सोशल मीडिया में अभियान छिड़ गया है। इसके लिए आधार बनाया जा रहा है कि विधान परिषद के चुनाव में हुई गड़बड़ियों को। गौरतलब है कि चार राज्यों में विधान परिषद की 25 सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिनके वोटों की गिनती मंगलवार, 27 अक्टूबर को होगी और अगर पहली वरीयता के वोटों से नतीजे नहीं मिले तो दूसरी वरीयता के वोट गिने जाएंगे और इसमें समय लग सकता है। इस चुनाव में कुछ जगह गड़बड़ियां हुई हैं।

बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में गड़बड़ी की खबर नहीं है। लेकिन उत्तर प्रदेश में सिर्फ आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बूथों पर गड़बड़ी हुई। कह सकते हैं कि बूथ लूटने किस्म का काम हुआ, जिसके बाद चुनाव आयोग ने तीन बूथों पर मतदान रद्द कर दिया और पुनर्मतदान का ऐलान किया। सोमवार, 26 अक्टूबर को इन बूथों पर दोबारा मतदान हुआ। इन बूथों पर गड़बड़ी को लेकर मीडिया का एक बड़ा हिस्सा लिख रहा है कि एमएलसी चुनाव में जब बैलेट से मतदान होने पर इस तरह से बूथ लूटने की घटनाएं हो रही हैं तो सोच सकते हैं कि पूरे देश में बैलेट से चुनाव होगा तो क्या हो सकता है। यह  भी लिखा जा रहा है कि अगर बैलेट से चुनाव हुआ तो देश पुराने दौर में लौट जाएगा, जब बूथ लूटने की घटनाएं होती हैं। इस लिहाज से बैलेट की बजाय ईवीएम से वोटिंग को बेहतर विकल्प के तौर पर बताया जा रहा है। यह सब जानते हैं कि अब वापस बैलेट के दौर में लौटना मुश्किल है। फिर भी एमएलसी चुनाव की गड़बड़ियों को विपक्ष की मांग पंक्चर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

इसमें सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि गड़बड़ी के आरोप भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं पर लग रहे हैं। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी आरोप लगा रही है। सोचें, इस विडम्बना पर कि सपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान कराया है, फिर भी सपा की मांग बैलेट पेपर से चुनाव कराने की है। लेकिन बैलेट और बूथ लूटने का आरोप जिस पार्टी के ऊपर लग रहा है उसके इकोसिस्टम के लोग कह रहे हैं कि बैलेट से चुनाव हुआ तो पूरे देश में इसी तरह की घटना होगी। कह सकते हैं कि आजकल देश में कुछ भी उलटबांसी चल रही है।

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