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भाजपा के पास जवाब नहीं है

New Delhi, Mar 18 (ANI): Prime Minister Narendra Modi, Home Minister Amit Shah, BJP National President Nitin Nabin, Maharashtra CM Devendra Fadnavis, West Bengal Assembly LoP Suvendu Adhikari and others at the Central Election Committee meeting of the BJP for West Bengal at the BJP headquarters, in New Delhi on Wednesday. (ANI Video Grab)

केंद्र सरकार ने यूपीआई के लेनदेन पर शुल्क लगाने का फैसला किया तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा के अंदर भी लोगों को जानकारी नहीं थी। भाजपा के लोग भी समझ रहे थे या मान रहे थे कि जब सरकार कह रही है कि यह मुफ्त रहेगा तो मुफ्त ही रहेगा। तभी अचानक घोषणा से सब चौंके। यह भी इस सरकार की एक खासियत है कि फैसले से पहले उस पर विचार नहीं होता। फैसले के बाद उस पर सफाई दी जाती है। तभी इस मामले में सरकार घिर गई है। उसके पास जवाब नहीं है। सरकार कितनी भी सफाई दे रही है लेकिन लोग मान रहे हैं कि दो हजार से कम लेनदेन पर भी जल्दी ही शुल्क लगेगा। लोग सरकार की इस बात पर भी यकीन नहीं कर रहे हैं कि कोई व्यापारी या दुकानदार अपनी जेब से शुल्क भरेगा। उनको पता है कि दुकानदार अंततः सामान या सेवा की कीमत में जोड़ कर ग्राहक से ही पैसा लेगा।

जब सरकार और भाजपा को कोई जवाब नहीं सूझा तो यह कहा गया है कि वित्त मामलों की जिस समिति ने इसकी सिफारिश की उसमें कांग्रेस के भी सदस्य थे। सोचें, यह कितनी लचर दलील है। जिन संसदीय समितियों के अध्यक्ष कांग्रेस के नेता हैं उनमें तो भाजपा उनकी बात चलने ही नहीं देती है और जिस कमेटी में पांच लोग कांग्रेस हैं उसमें यह बताने की कोशिश कर रही है कि इसमें कांग्रेस की भी भागीदारी थी। असल में वित्त संबंधी मामलों की समिति में कांग्रेस के पी चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के गोपीनाथ शामिल हैं। लेकिन फैसले में उनका कोई हाथ नहीं है क्योंकि हर कमेटी में बहुमत भाजपा और एनडीए का है।

इसी तरह भाजपा की ओर से लोगों को समझाने के लिए जो प्रयास हो रहा है वह मजाक बन जा रहा है। जब इस मसले पर विवाद बढ़ा तो भाजपा के एक प्रवक्ता ने एक ड्रामा किया यह दिखाने के लिए यूपीआई पर चार्ज नहीं लगता है। तो उसका भी मजाक ही बना। क्योंकि प्रवक्ता महोदय एक आइसक्रीम वाले के पास पहुंच कर 50 रुपए से कम ही आइसक्रीम खरीद रहे थे। सोचें, खुद सरकार कह रही है कि दो हजार से कम पर शुल्क नहीं लगेगा तो 50 रुपए की खरीदारी दिखाने का क्या अर्थ है? लोग मान रहे हैं कि अभी दो हजार से कम पर शुल्क नहीं लगेगा लेकिन यह भी मान रहे हैं कि यह स्थायी नहीं है।

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