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शाहरुख पर हमले का क्या मतलब

शाहरूख खान अक्सर भाजपा नेताओं और कथावाचकों के निशाने पर रहते हैं। उनकी फिल्में हों या उनकी क्रिकेट टीम सबको लेकर किसी न किसी तरह का विवाद हमेशा होता रहता है। ताजा विवाद बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजूर रहमान को अपनी आईपीएल टीम केकेआर के लिए खरीदने का है। केकेआर के कप्तान, कोच, मेंटर और दूसरे सलाहकारों की राय से ही मुस्तफिजूर को खरीदा गया होगा। दूसरी बात यह है कि केकेआर की टीम में जूही चावला भी पार्टनर हैं। लेकिन टीम के सपोर्ट स्टाफ, कप्तान, कोच और दूसरे पार्टनर को छोड़ कर सबका निशाना शाहरूख खान हैं क्योंकि वे मुस्लिम हैं और मुस्तफिजूर भी मुस्लिम हैं।

भाजपा नेताओं और कथावाचकों के साथ साथ उद्धव ठाकरे की शिव सेना के नेताओं ने भी शाहरूख को निशाना वनाया है। जबकि हकीकत यह है कि बांग्लादेश के क्रिकेटर आईपीएल में खेल सकते हैं यह फैसला भारत सरकार के खेल मंत्रालय, और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई का है। भारत का विदेश मंत्रालय वहां के खिलाड़ियों के लिए वीजा जारी करेगा। लेकिन कोई भी व्यक्ति व्यक्ति भारत सरकार के खेल या. विदेश मंत्रालय को निशाना नहीं बना रहा है और न बीसीसीआई को कुछ कहा जा रहा है। सबके निशाने पर शाहरूख खान हैं। क्योंकि वे आसान टारगेट हैं और उनको टारगेट करके राजनीति की जा सकती है। असल में यह पूरा विवाद राजनीति साधने का है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले की घटनाओं का राजनीतिक इस्तेमाव भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल में किया जा रहा है। बांगलादेशी क्रिकेटर के बहाने कुछ और फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।

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