एक तरफ देश की दो अदालतों ने सीबीआई की जांच और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए तो दूसरी ओर इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि तमिलनाडु के सुपर स्टार थलपति विजय से भगदड़ के मामले में सीबीआई क्या पूछताछ कर रही है, जो खत्म ही नहीं हो रही है। सीबीआई ने विजय को मंगलवार, 10 मार्च को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि उन्होंने 15 दिन का समय मांग लिया। लेकिन एजेंसी उनको फिर से बुला कर पूछताछ करना चाहती है। इस साल जनवरी में भी सीबीआई ने उनसे कई घंटे तक पूछताछ की थी। उसके बाद कहा था कि जरुरत पड़ने पर फिर बुलाएंगे।
सबको पता है कि घटना भगदड़ मचने की है। पिछले साल विजय ने अपनी पार्टी टीवीके की ओर से करूर में एक रैली का आयोजन किया था। उनके इस रैली में पहुंचने में देरी हो गई, जिससे बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। रैली के दौरान अचानक भगदड़ मचने से अनेक लोगों की मौत हो गई है। विजय पर आरोप है कि भगदड़ की खबर मिलने के बाद वे वहां से चले गए थे। हालांकि बाद में उन्होंने पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की थी। चूंकि तमिलनाडु में चुनाव है और विजय की नई पार्टी दोनों गठबंधनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। तभी एक राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ के मामले में रैली करने वाले नेता से इतनी पूछताछ हो रही है।
