श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ के चयन में क्या हो रहा है? सीईओ के चयन कि लिए बनी जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की टीम ने एक महीने से ज्यादा समय तक कवायद की है। लेकिन उसका क्या नतीजा निकला है यह किसी को पता नहीं है। बुधवार, दो सितंबर को ट्रस्ट की बैठक होने वाली है और कहा जा रहा है कि उसमें ट्रस्ट के सामने शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नाम रखे जाएंगे, जिनमें से एक को सीईओ नियुक्त किया जाएगा। लेकिन यह पता नहीं चल रहा है कि जस्टिस प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अभी तक तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं या नहीं।
गौरतलब है कि तीन सदस्यों की कमेटी के सामने पांच हजार से ज्यादा आवेदन आए थे। उनमें से एक सौ से ज्यादा लोगों से कमेटी के सदस्यों ने बात की। अनेक लोगों से फोन पर बात की गई। उसके बाद 16 लोगों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की खबर आई थी। तब कहा गया था कि इनमे से तीन लोग चुने जाएंगे। लेकिन उन तीन नामों पर सहमति नहीं बनी। इस बीच ट्रस्ट से इस्तीफा दे चुके महासचिव चंपत राय की नौ पन्ने की एक चिट्ठी वायरल हुई और उसके बाद उनकी डायरी के पन्ने वायरल हुए। उनके और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के बीच चल रहा शीतयुद्ध इससे और भड़क गया। कहा जा रहा है कि चिट्ठी और डायरी के पन्ने लीक होने की टाइमिंग खास है। सीईओ के चयन से पहले इनका लीक होना संयोग नहीं है। सो, सवाल है कि क्या चंपत राय़ और नृपेंद्र मिश्रा की खींचतान में सीईओ का चयन अटक जाएगा? यह भी कहा जा रहा है कि चंपत राय और विश्व हिंदू परिषद मंदिर प्रबंधन पर अपना वर्चस्व बनाए रखना चाहते हैं। इस वजह से भी देरी हो रही है।
