पीयूष गोयल जब से आधिकारिक रूप से भाजपा के कोषाध्यक्ष बने हैं तब से से इस बात की चर्चा है कि वे मंत्री पद छोड़ेंगे या दोहरी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे? गौरतलब है कि जब राजेश अग्रवाल भाजपा के कोषाध्यक्ष थे तब भी पीयूष गोयल ही परदे के पीछे से कोषाध्यक्ष का काम करते थे। अब उनको आधिकारिक रूप से यह जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा में एक व्यक्ति, एक पद का सिद्धांत माना जाता है। तभी कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज चौधरी, दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल का इस्तीफा हो सकता है। हालांकि दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि गोयल अपवाद हो सकते हैं।
आखिर जेपी नड्डा भी 2024 के चुनाव के बाद केंद्र में मंत्री बन गए थे लेकिन 2026 की जनवरी तक वे राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। इस बीच एक और ऐसा घटनाक्रम हुआ है, जिससे गोयल के मंत्री रहने या न रहने की चर्चा तेज हो गई है। दिल्ली में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले दिनों एक कार्यक्रम में मोदी सरकार के दो मंत्रियों को बहुत अच्छा काम करने वाला माना। उनमें एक मंत्री पीयूष गोयल हैं। दूसरे मंत्री एस जयशंकर हैं। ध्यान रहे पीयूष गोयल ही वाणिज्य मंत्री के नाते अमेरिका के साथ व्यापार संधि पर वार्ता कर रहे हैं। उनकी तारीफ के बाद यह सवाल है कि क्या अमेरिका चाहता है कि वे मंत्री बने रहें? अगर ऐसा है तो क्या मोदी अमेरिका की इच्छा पूरी करेंगे? गोर ने यह भी कहा कि गोयल उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं।
