भाजपा के लिए यह बड़ी उपलब्धि थी कि उसने बरसों की मेहनत के बाद केरल की राजधानी तिरूवनंतपुरम नगर निगम में अपना मेयर बनाया था। एक सौ सदस्यों के इस नगर निगम में भाजपा ने 49 सीटें जीती थीं और एक निर्दलीय की मदद से उसने अपना मेयर बनाया था। लेकिन अब यह निगम गंवाने का खतरा दिख रहा है। इसका कारण यह है कि उसकी एक पार्षद और राज्य की पूर्व पुलिस प्रमुख आर श्रीलेखा ने इस्तीफा दे दिया है।
गौरतलब है कि आर श्रीलेखा केरल की पुलिस महानिदेशक थीं और बहुत हाई प्रोफाइल अधिकारी रही हैं। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति ज्वाइन की और नगर निगम का चुनाव लड़ने का फैसला इस वजह से किया कि अगर भाजपा जीतती है तो वे मेयर बनेंगी। लेकिन भाजपा जीती तो उसने वीवी राजेश को मेयर बना दिया। पिछले साल दिसंबर में वे मेयर बने थे। इतने दिनों तक शांत रहने के बाद अब पूर्व डीजीपी श्रीलेखा ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी और बताया कि 30 सितंबर को उन्होंने वीवी राजेश को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसके बाद नगर निगम में भाजपा का बहुमत खतरे में आएगा। हालांकि भाजपा के लिए अच्छी बात यह है कि कांग्रेस और लेफ्ट दोनों बहुमत से बहुत दूर हैं और दोनों किसी हाल में साथ नहीं सकते हैं। तिरुवनंतपुरम में लेफ्ट के 29 और कांग्रेस के 20 पार्षद हैं।
