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कांग्रेस के सारे दावेदार एक कमेटी में

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नव संकल्प शिविर के संकल्पों को लागू करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कमेटियों का गठन किया है। एक कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति है। दूसरी 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बनाई गई टास्क फोर्स है और एक भारत जोड़ो यात्रा के समन्वय की कमेटी है। इसमें चुनाव की तैयारी वाली कमेटी के प्रमुख पी चिदंबरम हैं। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के राज्यसभा सीट के जितने भी दावेदार हैं सब इसी कमेटी में रख दिए गए हैं। कमेटी के अध्यक्ष पी चिदंबरम की राज्यसभा का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है और वे भी दावेदार हैं।

पी चिदंबरम अभी महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं। इस बार अभी तक तय नहीं है कि वे महाराष्ट्र से ही उच्च सदन में जाएंगे या अपने गृह राज्य तमिलनाडु से उनको भेजा जाएगा। ध्यान रहे डीएमके ने इस बार एक सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी है। चिदंबरम के कमेटी में दूसरा नाम मुकुल वासनिक का है। वे पिछले 20 साल से पार्टी के महासचिव हैं। पांच साल के लगातार कार्यकाल के बाद पद छोड़ने के नियम के मुताबिक उनको महासचिव पद छोड़ना है। वे काफी अरसे से राज्यसभा में जाने की उम्मीद कर रहे हैं। इस बार संभव है कि उनको अपने गृह प्रदेश महाराष्ट्र से मौका मिले।

चिदंबरम की कमेटी में तीसरा नाम जयराम रमेश का है। वे कर्नाटक से राज्यसभा सांसद हैं। उनका भी कार्यकाल खत्म हो रहा है और वे एक बार फिर कर्नाटक से ही उच्च सदन में भेजे जाने की उम्मीद कर रहे हैं। चिदंबरम की तरह ही रमेश का भी राज्यसभा जाना लगभग पक्का माना जा रहा है। चौथा नाम केसी वेणुगोपाल का है, जो पहले से राज्यसभा में हैं। पांचवा नाम अजय माकन का है। वे पार्टी के महासचिव हैं और राजस्थान के प्रभारी हैं। इस बार वे भी राज्यसभा की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि राजस्थान से पहले ही मनमोहन सिंह और केसी वेणुगोपाल के रूप में दो बाहरी नेता सांसद हैं।

टास्क फोर्स में छठा नाम प्रियंका गांधी वाड्रा का है। वे खुद पता नहीं राज्यसभा सीट चाहती हैं या नहीं लेकिन पार्टी के अनेक नेता और उनके करीबी उनको छत्तीसगढ़ से राज्यसभा भेजना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी ऐसा चाहते हैं। इस कमेटी में सातवां नाम रणदीप सुरजेवाला का है, जो किसी तरह से उच्च सदन में जाने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। उनके गृह प्रदेश हरियाणा में एक सीट कांग्रेस को मिलेगी लेकिन सबको पता है कि अगर पार्टी ने सुरजेवाला को हरियाणा भेजा तो भूपेंदर सिंह हुड्डा का खेमा उनको जीतने नहीं देगा। इसलिए वे किसी और राज्य से राज्यसभा की सदस्यता के लिए प्रयास कर रहे हैं। आनंद शर्मा एकमात्र दावेदार हैं, जो इस कमेटी में नहीं हैं। उनको राहुल गांधी के साथ राजनीतिक मामलों की कमेटी में रखा गया है।

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