केंद्रीय नेतृत्व की हैसियत बता रहे हैं कैप्टेन

Must Read

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू को उनकी हैसियत दिखाई है। राज्य के प्रभारी महासचिव हरीश रावत के तमाम प्रयास के बावजूद अमरिंदर सिंह ने सिद्धू का पुनर्वास नहीं होने दिया है। वे सिद्धू को न तो उप मुख्यमंत्री बना कर राजी हैं और न प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। ऊपर से सिद्धू के सोशल मीडिया पोस्ट्स को आधार बना कर उन पर अनुशासन की कार्रवाई की अलग तैयारी की हुई है। उन्होंने सिद्धू को यह भी कह दिया कि उनको अपनी लोकप्रियता पर इतना गुमान है तो पटियाल में उनके खिलाफ चुनाव लड़ लें। अब सिद्धू की तरफ से यह कहा जाना बाकी है कि कैप्टेन ही आकर उनके खिलाफ अमृतसर से चुनाव लड़ लें।

बहरहाल, कैप्टेन ने सिद्धू के बहाने पार्टी आलाकमान को हैसियत बताई है। वे परिवार के बहुत करीबी हैं और राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की सबसे ज्यादा पैरवी वे करते हैं। पर बदले में वे चाहते हैं कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उनके कामकाज में कोई दखल न दे। वे जिसे चाहें उसे अध्यक्ष बनाया जाए और जिसे चाहें उसे मंत्री बनाया जाए। उनकी पसंद का प्रभारी भी होना चाहिए। ऐसा वे इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनको अंदाजा है कि अगले चुनाव में कांग्रेस लगातार दूसरी बार सत्ता में आ सकती है और तब उनको चुनौती देने वाला कोई नेता नहीं होना चाहिए। उन्होंने पहले कहा था कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे पर जीत की संभावना देख कर उन्होंने अपना इरादा बदल दिया है। इसलिए वे अभी से पत्ते बिछाने लगे हैं और उनको लग रहा है कि सिद्धू उनके रास्ते में फच्चर डाल सकते हैं इसलिए उन्होंने सिद्धू को कोई भी पद देने से मना कर दिया है। ऊपर से यह भी कह दिया है कि अब भाजपा भी उनको वापस नहीं लेगी और अकाली दल वाले तो उनसे ऐसे ही नाराज हैं। यानी सिद्धू की मजबूरी है कि वे कांग्रेस में पड़े रहें।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

साभार - ऐसे भी जानें सत्य

Latest News

Delhi में भयंकर आग से Rohingya शरणार्थियों की 53 झोपड़ियां जलकर खाक, जान बचाने इधर-उधर भागे लोग

नई दिल्ली | दिल्ली में आग (Fire in Delhi) लगने की बड़ी घटना सामने आई है। दक्षिणपूर्व दिल्ली के...

More Articles Like This