nayaindia Bengali in-charge Trinamool हर राज्य में तृणमूल का बंगाली प्रभारी
राजरंग| नया इंडिया| Bengali in-charge Trinamool हर राज्य में तृणमूल का बंगाली प्रभारी

हर राज्य में तृणमूल का बंगाली प्रभारी

Bengali in-charge Trinamool

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षा अखिल भारतीय राजनीति करने की है। इसके लिए वे यहां वहां के नेता तोड़ रही है और काफी सारे थके-हारे नेताओं को अपनी पार्टी में भर्ती करके उनको राज्यसभा आदि में भेज रही हैं। इस काम में पार्टी काफी संसाधन भी खर्च कर रही है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि ममता को किसी दूसरे राज्य के नेता पर भरोसा नहीं है। उनकी कोर पोलिटिक्स बंगाली नेताओं पर ही निर्भर दिख रही है। तभी वे जिस भी राज्य में चुनाव लड़ने जा रही हैं वहां का प्रभार किसी बंगाली नेता को ही दिया जा रहा है। उनके चुनाव रणनीतिकार भले बिहार के प्रशांत किशोर हैं लेकिन उनको अखिल भारतीय राजनीति बंगाली अस्मिता और बंगाली नेताओं के साथ ही करनी है। Bengali in-charge Trinamool

Read also देशहित में वापिस हुए कृषि कानून

उन्होंने गोवा में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया तो कांग्रेस के लुईजिन्हो फ्लेरियो को तोड़ कर अपनी पार्टी में शामिल कराया और उनको राज्यसभा भी भेजा। लेकिन वहां चुनाव लड़ाने का जिम्मा यानी प्रभार अपनी पार्टी की सांसद मोहुआ मोईत्रा को दिया। जिस तरह उन्होंने गोवा में चुनाव लड़ाने के लिए बंगाली नेता को चुना उसी तरह हरियाणा में भी उन्होंने प्रभारी अपनी पार्टी के सांसद सुखेंदु शेखर रॉय को बनाया है। वहां भी कांग्रेस के अशोक तंवर को तोड़ कर अपनी पार्टी में शामिल कराया है लेकिन प्रभारी बंगाल के सुखेंदु शेखर रॉय होंगे। त्रिपुरा में तो खैर बांग्ला वोट की राजनीति ही कर रही हैं ममता बनर्जी इसलिए वहां अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, गोवा, हरियाणा आदि कई राज्यों के नेताओं को पार्टी में भर्ती किया है लेकिन राजनीति बंगाली नेताओं के भरोसे ही करेंगी।

Leave a comment

Your email address will not be published.

eleven − 2 =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
रिजॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता का शव बरामद
रिजॉर्ट रिसेप्शनिस्ट अंकिता का शव बरामद