बिहार में भाजपा बराबरी पर अड़ेगी

बिहार में भले जनता दल यू के नेता प्रशांत किशोर और दूसरे लोग यह कहें कि उनकी पार्टी को ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए पर ऐसा लग रहा है कि भाजपा अपनी सहयोगी जनता दल यू के सामने सरेंजर नहीं करने वाली है। पार्टी के जानकार नेताओं का कहना है कि सीटों का बंटवारा बराबर-बराबर होगा। जिस तरह लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपनी जीती और लड़ी हुई सीटें छोड़ कर जदयू को बराबर सीट दी उसी तरह विधानसभा चुनाव में भाजपा बराबर सीट लेगी। वैसे भी पिछले चुनाव में जदयू एक सौ सीटों पर ही लड़ी थी। वह राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी। दूसरी ओर भाजपा अपने गठबंधन में 168 सीटों पर लड़ी। सो, अगर भाजपा इस बार एक सौ सीट पर लड़ने को तैयार होती है तब भी उसे अपनी लड़ी अनेक सीटें छोड़नी पड़ेगी।

असल में भाजपा नेताओं का कहना है कि नीतीश कुमार के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। उनके मुकाबले भाजपा बेहतर स्थिति में है। भाजपा की सरकार एक दर्जन से ज्यादा राज्यों में है पर जदयू की सिर्फ एक ही सरकार है। इसलिए सरकार बचाने और बनाने की जिम्मेदारी जदयू पर ज्यादा है। भाजपा नेताओं को यह भी लग रहा है कि नीतीश इस बार अगर भाजपा से अलग होकर राजद या कांग्रेस की ओर जाते हैं तो उन्हें पहले जैसा सम्मान नहीं मिलेगा और चुनाव में भी नुकसान होगा। तभी जदयू के प्रशांत किशोर के बयान के जवाब में भाजपा ने अपने विधायक संजय पासवान से बयान दिलाया है। संजय पासवान ने सीधा नीतीश कुमार को निशाना बनाते हुए कहा कि बिहार के लोग नीतीश से थक गए हैं और अब भाजपा का मुख्यमंत्री बनना चाहिए। इस तरह भाजपा ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। वह जदयू के सामने कोई समझौता करने को तैयार नहीं है।

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