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भाजपा-जदयू में शह-मात का खेल

बिहार में गजब हुआ है। एनडीए का राज है और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, एनपीआर और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, एनआरसी के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास हुआ है। सोचें, भाजपा ने जदयू, राजद और कांग्रेस की हां में हां मिलाते हुए कहा कि बिहार में एनपीआर को 2010 के फॉर्मेट में यानी तब की यूपीए सरकार के बनाए फॉर्मेट में लागू किया जाना चाहिए और एनआरसी तो किसी कीमत पर लागू नहीं होनी चाहिए। यह कोई मामूली बात नहीं है। इसे अगर कोई यह मानता है कि भाजपा ने नीतीश कुमार के सामने सरेंडर कर दिया है तो वह भूल कर रहा है। यह तय मानें कि भाजपा एनआरसी का मामला नहीं छोड़ने वाली है। उसे पश्चिम बंगाल और असम में इसी मुद्दे पर चुनाव लड़ना है।

तभी सवाल है कि आखिर भाजपा ने बिहार में ऐसा क्यों किया कि आम सहमति से एनपीआर और एनआरसी पर प्रस्ताव पास हुआ? असल में यह भाजपा के लंबे गेमप्लान का हिस्सा है। जिस तरह की राजनीति शिव सेना ने उसके साथ महाराष्ट्र में की है वैसी ही राजनीति भाजपा बिहार में जदयू के साथ कर रही है। महाराष्ट्र में शिव सेना की चुनावी रणनीति के बारे में करीब से जानने वाले एक नेता ने बताया कि शिव सेना को क्या करना है यह बहुत पहले तय हो गया था। पर उसने भाजपा को कतई संदेह नहीं होना दिया कि वह चुनाव के बाद ऐसा कुछ कर सकती है। क्योंकि शिव सेना के नेता मान रहे थे कि भाजपा अकेले लड़ी तो बहुमत के करीब पहुंच जाएगी। इसलिए उसके साथ गठबंधन में रह कर उसे कम सीटों पर लड़ने के लिए तैयार कराया गया ताकि वह बहुमत से दूर रहे और फिर शिव सेना का खेल बने।

भाजपा यहीं राजनीति बिहार में कर रही है। वह किसी तरह से जदयू के गठबंधन में रहना चाहती है। उसे पता है कि गठबंधन में वह कितनी भी सीटों पर लड़े उसे जदयू से ज्यादा सीटें आएंगी। उसकी स्ट्राइक रेट हमेशा जदयू से बेहतर रही है। उसके बाद भाजपा अपनी सरकार बनाने की पहल करेगी। इसके लिए उसे राष्ट्रीय जनता दल से भी समर्थन लेना पड़े तो वह हिचकेगी नहीं। भाजपा को पता है कि अगर वह अकेले लड़ेगी तो हो सकता है कि 2015 जैसा नतीजा आए। अकेले लड़ कर वह चुनाव बाद का कोई ऐसा गठबंधन नहीं बना सकती है, जिसमें उसका मुख्यमंत्री बने। भाजपा की इस रणनीति को थोड़ा बहुत नीतीश समझ रहे हैं तभी वे अपनी सेकुलर राजनीति के मुद्दों को जिंदा रखे हुए हैं। इसी शह-मात की रणनीति के तहत नीतीश ने एनपीआर और एनआरसी पर प्रस्ताव पास कराया है।

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