caste based census modi पीएम-नीतीश की मुलाकात पर परदा क्यों?
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पीएम-नीतीश की मुलाकात पर परदा क्यों?

Nitish modi

caste based census modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पक्ष-विपक्ष के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मिला तो उस बारे में केंद्र सरकार की ओर से कोई ब्योरा क्यों नहीं जारी किया गया? इस मुलाकात के बारे में सिर्फ एकतरफा बातें लोगों को पता है। बिहार के नेताओं ने प्रधानमंत्री से मिलने के बाद साझा प्रेस कांफ्रेंस में जो कुछ कहा उतनी ही बात लोग जानते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति आधारित जनगणना की उनकी मांग को प्रधानमंत्री से ध्यान से सुना और उसे खारिज नहीं किया। अब उनको प्रधानमंत्री के फैसले का इंतजार है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे उनके पिता लालू प्रसाद की सेहत का हालचाल पूछा। यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से कहा कि आपने मास्क लगा रखा है तो आपका मुस्कुराता हुआ चेहरा कैसे देखेंगे।

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लेकिन ये सारी बातें बिहार के नेताओं ने ही बाहर आकर बताई। प्रधानमंत्री, उनके कार्यालय या सरकार के पत्र सूचना विभाग की ओर से कुछ नहीं बताय गया। सवाल है कि इतना परदा क्यों? यह सबको पता है कि केंद्र सरकार और भाजपा दोनों जाति आधारित जनगणना के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें जातियों की गिनती नहीं करानी है। लेकिन कई बातें होती हैं, जिनकी मांग लेकर विपक्ष के नेता मिलते हैं, जो सरकार को नहीं माननी होती है फिर भी उसके बारे में जानकारी दी जाती है। लेकिन जातियों की गिनती के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। यह भी नहीं कहा गया कि बिहार के नेताओं ने मांग की है और केंद्र सरकार इस मामले को देख रही है। पूरी तरह से चुप्पी साध ली गई। क्या सरकार इस मामले को इतना संवेदनशील मानती है कि इस बारे में बात करना भी मंजूर नहीं है? असल में अगले साल होने वाले चुनावों में इस मसले का इस्तेमाल हो सकता है। संभवतः इसलिए फोटो या कोई ब्योरा जारी नहीं किया गया। caste based census modi

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