राजनीति

बिहार में 370 और मंदिर का मुद्दा!

भारतीय जनता पार्टी ने भले ऐलान किया है कि बिहार में नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा और वे मुख्यमंत्री के दावेदार हैं पर असल में भाजपा के अपने उम्मीदवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम, चेहरे और काम पर चुनाव लड़ेंगे। भाजपा के जानकार सूत्रों के मुताबिक  पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के प्रभारी भूपेंदर यादव ने अपने नेताओं से कहा है कि वे मोदी के नाम, उनके काम और उनके बनाए एजेंडे पर वोट मांगेंगे। इसका कारण यह है कि भाजपा नेताओं को पता है कि नीतीश कुमार किसी हाल में अनुच्छेद 370 खत्म करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर वोट नहीं मांगेगे। उन्होंने जातियों का अपना जो मकड़जाल बनाया है और लालू प्रसाद-राबड़ी देवी के 15 साल के राज से तुलना का जो दांव चला है उसी पर वोट मांगेंगे।

नीतीश के इस एजेंडे का भाजपा को ज्यादा फायदा नहीं होगा। तभी भाजपा के अपने उम्मीदवार अपने चुनाव क्षेत्र में कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा जोर-शोर से उठाएंगे। जदयू के नेता भी यह मुद्दा उठा सकते हैं पर उनके स्टार प्रचारकों की सभा में यह मुद्दा नहीं उठेगा। तभी बिहार भाजपा के नेता चाहते हैं कि बिहार में अमित शाह की ज्यादा रैलियां हों। उनको पता है कि प्रधानमंत्री मोदी की, जहां सभा होगी उनमें ज्यादातर जगहों पर मुख्यमंत्री भी साथ होंगे, जबकि अमित शाह की सभाओं में ऐसा नहीं होगा। वे खुल कर अनुच्छेद 370 और राम मंदिर का मुद्दा उठा सकते हैं। असल में भाजपा अपनी सहयोगी जदयू के मुकाबले कम सीटें लड़ कर ज्यादा सीट जीतने की रणनीति पर काम कर रही है और इसमें अयोध्या व कश्मीर का मुद्दा बहुत काम आएगा। नागरिकता कानून में संशोधन का भी जिक्र हो तो हैरानी नहीं होगी।

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International Yoga Day : कांग्रेसी नेता ने कहा-ॐ के उच्चारण से ताकतवर और अल्लाह कहने से कमजोर नहीं होता योग, तो BJP सांसद ने दिया मजेदार जवाब

नई दिल्ली | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर देश के साथ ही विदेशों में भी तरह तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. विश्व भर में योग गुरु का दर्जा प्राप्त कर चुके भारत में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया जाता है. अभी भी कुछ ऐसी राजनीतिक शख्सियत हैं जो योग को धर्म के साथ जोड़ना चाहते हैं या फिर यूं कहें कि योग के बहाने धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते हैं. कांग्रेस के बड़े नेता और सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने फिर योग पर एक विवादित बयान दे दिया है. कांग्रेसी नेता द्वारा किए गए इस ट्वीट का जवाब भाजपा के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दिया है. तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

ॐ के उच्चारण करना जरूरी नहीं शक्ति नहीं होता है कम

अभिषेक मनु सिंघवी ने स्वीट करते हुए कहा कि योग करते समय ॐ का उच्चारण करना कोई खास जरूरी नहीं उन्होंने कहा कि ॐ का जाप योग के समय करने से कोई विशेष शक्ति नहीं मिल जाती. इसके आगे अभिषेक लिखते हैं कि यदि कोई अल्लाह बोलकर योग करें तो योग कमजोर भी नहीं हो जाता. एक और ट्वीट में उन्होंने अपने दिए गए बयान को समझाते हुए कहा कि ॐ शब्द के उच्चारण से ना तो योग शक्तिशाली हो जाएगा और ना ही अल्लाह कहने से योग की शक्ति कम होगी.

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अपना ही अंदाज में कैलाश विजयवर्गीय ने दिया जवाब

अभिषेक मनु सिंघवी के किए गए ट्वीट पर भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया. विजयवर्गीय ने कहा कि ‘छुटभैया’ नेता के ट्वीट से योग की महानता कम नहीं होती है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि योग अपने आप में महान है इसे किसी धर्म से जोड़ कर देखने से बचना चाहिए. विजयवर्गीय ने कहा कि जो इसकी मूल बातें हैं उसे बदलने की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए.

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