जदयू-भाजपा में सीट बंटवारा आसान नहीं

बिहार की राजनीति अब थोड़े समय के लिए दिल्ली में होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पिछले हफ्ते पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले और उस मुलाकात में सीटों को लेकर बातचीत हुई। पर सहमति नहीं बन पाई। अब कहा जा रहा है कि भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के साथ दिल्ली में जदयू के राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और आरसीपी सिंह चर्चा करेंगे। संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और इसमें सप्ताहांत में भी काम होना है, कई अहम विधेयक पास होने हैं इसलिए भाजपा और जदयू से जुड़े ये सारे लोग दिल्ली में ही रहने वाले हैं। सो, बातचीत दिल्ली में होगी। पर बहुत आसानी से सीट बंटवारा नहीं होना है।

जानकार सूत्रों के मुताबिक भाजपा चाहती थी कि लोजपा और हम के लिए सीट छोड़ने के बाद बची हुई सीटें भाजपा और जदयू में बराबर बराबर बंटे। लेकिन नीतीश कुमार ने फॉर्मूला दिया है कि पहले ही बिहार की 243 सीटों का बंटवारा भाजपा और जदयू में बराबर-बराबर हो जाए और उसके बाद भाजपा अपने कोटे से रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा को सीट दे और जदयू अपने कोटे से जीतन राम मांझी की पार्टी हम को सीटें देगी। इस फॉर्मूले के मुताबिक 122 सीट भाजपा को और 121 सीट जदयू को मिलेगी।

पर मुश्किल यह है कि भाजपा को अपने कोटे से 25 सीटें लोजपा को देनी होंगी। इस तरह उसकी सीटें एक सौ से नीचे आ जाएगी। यहीं नीतीश चाहते हैं कि भाजपा सौ से कम सीटों पर लड़े और वे 115 सीटों पर लड़ें। कहा जा रहा है कि भाजपा की ओर से लोजपा को कुछ कम सीटें लेने के लिए मनाया जा रहा है। इसके बदले में विधान परिषद की एक सीट देने का वादा किया जा सकता है, जैसे लोकसभा चुनाव के समय राज्यसभा की एक सीट दी गई थी। बताया जा रहा है कि 25 सितंबर तक तमाम तरह के फॉर्मूलों पर बात होगी।

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