कश्मीर का भूमि कानून चुनावी मुद्दा!

जम्मू कश्मीर में भूमि कानून बदलने का फैसला अभी क्यों हुआ है? बिहार में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं और देश के करीब एक दर्जन राज्यों में विधानसभा की 56 और लोकसभा की एक सीट पर उपचुनाव हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 अक्टूबर को अपनी सभा में अनुच्छेद 370 खत्म करने के अपनी सरकार के फैसले का जिक्र किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इससे दो कदम आगे बढ़ कर यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने का जिक्र करते हुए इस बात पर खास जोर दिया कि अब कोई भी आदमी कश्मीर जाकर जमीन खरीद सकता है। हालांकि उस समय तक भूमि कानून में बदलाव की अधिसूचना जारी नहीं हुई थी।

तभी सवाल है कि क्या यह संयोग है, जो एक तरफ बिहार के चुनाव प्रचार में इस बात का जिक्र हुआ और दूसरी तरफ कश्मीर में भूमि कानून बदलने की अधिसूचना जारी हो गई? इसकी टाइमिंग पर इसलिए भी सवाल उठ रहा है क्योंकि अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद बिहार और दूसरे राज्यों में सोशल मीडिया पर जो प्रचार हुआ था उसमें दो बातें अहम थीं। पहली बात तो यह थी कि कश्मीर में जमीन खरीद कर घर बना सकते हैं और दूसरी कश्मीर की लड़कियों से शादी कर सकते हैं। इस बात को लेकर तब भी काफी विवाद हुआ था। सोशल मीडिया के जरिए होने वाले प्रचार में ये दोनों बातें आज भी कही जा रही हैं।

बिहार में बुधवार को होने वाले पहले चरण की 71 सीटों के लिए मतदान से ठीक एक दिन जम्मू कश्मीर और लद्दाख में भूमि कानून में बदलाव की अधिसूचना जारी होना महज संयोग नहीं है। इसलिए यह माना जा रहा है कि अब चुनावी रैलियों में और बिहार के चुनाव प्रचार में एक यह एक बड़ा मुद्दा बनेगा।

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