nayaindia नागरिकता कानून से बहुत चुनावी लाभ! - Naya India
राजरंग| नया इंडिया|

नागरिकता कानून से बहुत चुनावी लाभ!

जो लोग यह सोच रहे हैं कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नागरिकता कानून पर पुनर्विचार कर सकती है, वे गलतफहमी में हैं। भाजपा और उसकी केंद्र सरकार ने बहुत सोच समझ कर इस कानून को पास कराया है। यह कानून भाजपा को बड़ा चुनावी फायदा दे सकता है। ध्यान रहे अभी किसी को अंदाजा नहीं है कि पूरे देश में ऐसे कितने नागरिक हैं, जिनको इस कानून के तहत भारत की नागरिकता मिलेगी। पर 1951 में हुई भारत और पाकिस्तान की जनगणना के आंकड़ों और तीन देशों- भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब डेढ़ करोड़ लोगों को भारत की नागरिकता मिलेगी।

सोचें, डेढ़ करोड़ की यह संख्या भाजपा की चुनावी संभावना को कितना मजबूत कर सकती है? असल में पाकिस्तान में हिंदू आबादी को लेकर कई तरह के झूठे-सच्चे आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। यहां तक कि आधे अधूरे आंकड़े संसद में भी पेश कर दिए गए। हकीकत यह है कि आजादी के बाद पाकिस्तान में जो हिंदू आबादी बची थी उसका तीन चौथाई के करीब हिस्सा पूर्वी पाकिस्तान में था, जो बाद में बांग्लादेश बना। तभी जब पाकिस्तान के जनरल याह्या खां ने पूर्वी पाकिस्तान में जुल्म शुरू किए तो वहां से जिन लोगों ने भागना शुरू किया वे लगभग सभी हिंदू थे। मुस्लिम घुसपैठियों का भारत आना बांग्लादेश बनने के बाद तेज हुआ। उससे पहले यानी असम के लिए तय की गई एनआरसी की सीमा 24 मार्च 1971 से पहले जो लोग भारत में आए उनमें से ज्यादातर हिंदू थे।

ये बांग्लाभाषी हिंदू पूर्वोत्तर के राज्यों में तो बसे ही पश्चिम बंगाल में भी बसे और वहां से इनका पलायन देश के दूसरे हिस्सों में भी हुआ। 1971 की इस सीमा के बाद भी बांग्लादेश और पाकिस्तान से हिंदुओं का भारत आना जारी रहा। आज इन दोनों देशों में हिंदू आबादी पहले से कम हुई तो उसका बड़ा कारण वहां से हिंदुओं का पलायन है। सो, इस नागरिकता कानून का लाभ हासिल करने वाले हिंदुओं की संख्या अनुमान से ज्यादा भी हो सकती है। तभी यह माना जा रहा है कि भाजपा का यह दांव उसे बड़ा चुनावी लाभ दिला सकता है। इससे जो सांप्रदायिक ध्रुवीकरण होगा उसका फायदा अलग मिलेगा। पश्चिम बंगाल और असम के 2021 के चुनाव में इस कानून की असली परीक्षा होगी।

Leave a comment

Your email address will not be published.

two × two =

ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
आरसीपी सिंह ने यह क्या मिसाल बनाई?
आरसीपी सिंह ने यह क्या मिसाल बनाई?