एनडीए सहयोगी नागरिकता कानून के समर्थन में!

यह हैरान करने वाली बात है पर ऐसा लग रहा है कि भाजपा की सभी सहयोगी पार्टियों ने नागरिकता कानून में बदलाव की राजनीति को समझ लिया है। तभी कुछ दिन पहले तक इसका विरोध कर रही सारी पार्टियां इसके समर्थन में आ रही हैं। सबसे हैरान करने वाला बदलाव असम गण परिषद की सोच में आया है। उसने इस मुद्दे पर असम सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। जब भाजपा ने वादा किया कि वह चुनाव में यह मुद्दा नहीं उठाएगी तब अगप की गठबंधन में वापसी हुई थी। पर अब अगप के नेता कह रहे हैं कि सरकार विदेशी नागरिकों को भी भारत से नहीं निकालेगी और इस आधार पर वे नागरिकता कानून में संशोधन का समर्थन करने को तैयार हो गए हैं।

एनडीए में बची हुई भाजपा की दो बड़ी पार्टियां- जनता दल यू और अकाली दल भी संभवतः इसका समर्थन करेंगे। पहले जदयू ने इसका विरोध किया था। पर अब वह भी समर्थन में आ गई दिखती है। कहा जा रहा है कि पड़ोसी देशों से प्रताड़ित होकर आने वाले हिंदुओं को भारत की नागरिकता देने का मामला बेहद संवेदनशील है और हिंदुओं को अपील करने वाला है। इसका विरोध करना भारी पड़ सकता है। चूंकि भाजपा ने इसे हिंदू हित का मुद्दा बना दिया है इसलिए सहयोगी पार्टियों के सामने कोई विकल्प नहीं बच रहा है। कांग्रेस, लेफ्ट, तृणमूल आदि पार्टियां इसका विरोध करेंगी पर वे इसे पास होने से रोक नहीं पाएंगी। संभव है कि मायावती की पार्टी भी इसका समर्थन करे। दक्षिण भारत की भी कुछ पार्टियां इसका समर्थन कर सकती हैं।

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