बजट से पहले या बाद में विस्तार?

जैसे जैसे मकर संक्रांति नजदीक आ रही है वैसे वैसे केंद्र में मंत्री बनने वालों की धड़कनें तेज हो रही हैं। उनको लग रहा है कि मकर संक्रांति के तुरंत बाद उधर कोरोना की वैक्सीन लगनी शुरू होगी और इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सरकार का विस्तार करेंगे। वैसे पिछले साल मकर संक्रांति के समय भी उन्होंने ऐसी ही उम्मीदें लगाई थीं पर उसके बाद 365 दिन बीत गए और एक बार फिर सूर्य के उत्तरायण होने का समय आ गया। असल में जब भी सरकार या भाजपा संगठन में कुछ होता है तो मंत्री पद के दावेदारों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। जब भी राज्यों में कुछ बदलाव होता या चुनाव आते हैं तब भी उम्मीदें बढ़ जाती हैं।

अभी पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में एक छोटा सा बदलाव हुआ। संघ से भाजपा में जाकर संगठन का काम देखने वाले तीन संयुक्त महासचिवों को तरक्की दी गई और उन्हें नए प्रभार दिए गए। सौदान सिंह, वी सतीश और शिव प्रकाश को अलग अलग राज्यों की जिम्मेदारी मिली है। संगठन में हुए इस बदलाव के बाद सहज रूप से यह अंदाजा लगाया जाने लगा कि अब नरेंद्र मोदी अपनी सरकार का विस्तार करेंगे। पिछले साल नवंबर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के बाद भी ऐसी अटकलें लगाई गई थीं। अभी पश्चिम बंगाल, असम और दक्षिण भारत के तीन राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं इसलिए कहा जा रहा है कि संतुलन बनाने के लिए सरकार का विस्तार हो सकता है।

पर सरकार के विस्तार के लिए दो हफ्ते का समय है। मकर संक्रांति से लेकर 29 जनवरी को बजट सत्र शुरू होने के बीच के 15 दिन में अगर सरकार में फेरबदल होती है तो होगी, वरना फिर अप्रैल के मध्य तक इंतजार करना होगा। तभी एक खबर यह भी कि अभी प्रधानमंत्री मोदी शायद ही सरकार में फेरबदल करेंगे। मई में उनकी सरकार के दूसरे कार्यकाल का दो साल पूरा हो रहा है। उससे पहले वे बड़ी फेरबदल करके अपनी सरकार को नया रंग-रूप दे सकते हैं। लेकिन यह भी अंदाजा ही है। ध्यान रहे वे क्या करेंगे इसकी पक्की जानकारी किसी को नहीं रहती है और ऐसा लगता है कि मीडिया की अटकलों को गलत साबित करने में उनको मजा आता है।

पिछले साल जब भी सरकार में फेरबदल की चर्चा होती थी तो माना जाता था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विभाग बदलेगा। अगर इस पहलू से देखें तो बजट से पहले फेरबदल की संभावना खत्म हो जाती है क्योंकि निर्मला सीतारमण बजट की तैयारी कर रही हैं और वे अपना तीसरा बजट पेश करेंगी। अगर बजट से पहले कैबिनेट विस्तार होता है तो इसका मतलब होगा कि निर्मला की वित्त विभाग संभालती रहेंगी। वैसे उनके वित्त विभाग में ही बने रहने की ज्यादा संभावना है, चाहे विस्तार कभी भी हो। बहरहाल, अगले तीन-चार दिन में पता चल जाएगा कि विस्तार बजट से पहले हो रहा है या बाद में।

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