सीएए पर कांग्रेस नेताओं की ईमानदारी

संशोधित नागरिकता कानून, सीएए पर ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के अंदर दो विचारधाराएं एक साथ काम कर रही हैं। एक तरफ ऐसे नेता हैं, जो हर हाल में सीएए का विरोध कर रहे हैं। उनके लिए किसी तरह से इसका विरोध करना ही राजनीति है। तो दूसरी ओर कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो एक सीमा से ज्यादा आगे जाकर इसके विरोध के पक्ष में नहीं हैं। इस मामले में कपिल सिब्बल, जयराम रमेश और सलमान खुर्शीद ने बहुत बेबाकी से अपनी राय रखी है और ईमानदारी से कांग्रेस को राय दी है। इन तीनों की राय है कि विरोध करें पर यह कहना ठीक नहीं है कि राज्यों में इसे लागू नहीं करेंगे।

इन तीन नेताओं में से दो बड़े वकील हैं और कानूनी पक्ष भी बेहतर तरीके से जानते हैं। इस नाते कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद का कांग्रेस को राय देना बहुत अहम है। ध्यान रहे पंजाब की कांग्रेस सरकार ने पिछले दिनों विधानसभा में एक प्रस्ताव पास किया और इस कानून को वापस लेने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में जा सकती है, जैसे केरल सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

सिब्बल, रमेश और खुर्शीद तीनों का मानना है कि यहां तक मामला ठीक है। विरोध में प्रस्ताव पास हो या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए पर यह नहीं कहा जा सकता है कि राज्य सरकार इसे लागू नहीं करेगी। इन तीनों बहुत बेबाकी और ईमानदारी से कहा कि संसद से पास होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधिवत बना हुआ कानून है, जिसे नहीं लागू करने का विकल्प राज्यों के पास नहीं है। यहीं बात बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई दिन से कह रहे हैं। उनका कहना है कि इस मामले में राज्यों की भूमिका बहुत सीमित है।

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