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प्रभारी मंत्रियों से चल रहा है काम!

नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्होंने छह महीने के अंदर अपनी सरकार में फेरबदल की थी। लेकिन इस बार डेढ़ साल बाद भी सरकार में फेरबदल नहीं हुई है, जबकि इस इस बीच कई मंत्री पद खाली हुए हैं और प्रभारी मंत्री अनेक मंत्रालयों के कामकाज संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सरकार में सिर्फ 22 कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें से कई मंत्रियों के पास अतिरिक्त प्रभार है। नौ स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री हैं, जिनमें से छह मंत्रियों के पास अतिरिक्त विभागों के प्रभार हैं। इनके अलावा 23 राज्य मंत्री हैं।

सो, प्रधानमंत्री को मिला कर कुल 55 मंत्री हैं, जिनकी संख्या 81 तक हो सकती है। यानी 26 मंत्री पद खाली हैं। सवाल है कि जब इतने मंत्रालय हैं और बहुत सोच समझ कर यह संख्या तय की गई है कि संसद के दोनों सदनों के दस फीसदी सदस्यों की संख्या के बराबर या निचले सदन की 15 फीसदी संख्या के बराबर मंत्री हो सकते हैं तो इतने पद क्यों खाली रखे गए हैं? अगर सचमुच इतने मंत्रियों की जरूरत नहीं है और कम मंत्री ही बेहतर काम कर रहे हैं तो तो अच्छा होगा कि मंत्रालयों व मंत्रियों की संख्या घटाई जाए, जिससे सरकार का खर्च भी कम होगा।

बहरहाल, कैबिनेट मंत्रियों में नरेंद्र सिंह तोमर के पास कृषि और ग्रामीण विकास जैसे भारी-भरकम मंत्रालयों के बाद भी दो और मंत्रालयों- पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण का प्रभार है। यानी वे चार मंत्रालयों के मंत्री हैं। रविशंकर प्रसाद कानून के साथ साथ संचार और सूचना-प्रौद्योगिकी जैसे दो बड़े विभागों के मंत्री हैं। स्मृति ईरानी के पास कपड़ा मंत्रालय के साथ साथ महिला व बाल विकास मंत्रालय भी है, जो पिछली सरकार में मेनका गांधी जैसी वरिष्ठ मंत्री संभालती थीं। प्रकाश जावडेकर के पास वन व पर्यावरण मंत्रालय के साथ साथ सूचना व प्रसारण मंत्रालय भी है और भारी उद्योग मंत्रालय भी है।

डॉक्टर हर्षवर्धन के पास स्वास्थ्य के साथ साथ विज्ञान व प्रौद्योगिकी सहित दो अतिरिक्त मंत्रालय का प्रभार है। पीयूष गोयल के पास रेल जैसे मंत्रालय के बाद वाणिज्य और खाद्य आपूर्ति जैसे दो बड़े मंत्रालयों का प्रभार है। धर्मेंद्र प्रधान लंबे समय से पेट्रोलियम व स्टील दो-दो बड़े मंत्रालय संभाल रहे हैं। नितिन गडकरी और निर्मला सीतारमण के पास भी अपने मंत्रालय के अलावा एक-एक मंत्रालय का प्रभार है। प्रहलाद जोशी के पास भी तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार के स्वतंत्र प्रभार वाले नौ राज्य मंत्रियों में से छह के पास स्वतंत्र प्रभार के अलावा दूसरे विभागों के राज्यमंत्री की जिम्मेदारी भी है। जितेंद्र सिंह, आरके सिंह, मनसुख भाई मंडाविया, हरदीप सिंह पुरी, कीरेन रीजीजू और श्रीपाद यशोनाईक के पास स्वतंत्र प्रभार के अलावा दूसरे मंत्रालयों का भी प्रभार है।

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