केसीआर को भाजपा की चिंता

एक बार फिर तीसरे और चौथे मोर्चे की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। 2019 के लोकसभा चुनाव के एक साल पहले से तो इसकी काफी चर्चा थी। चंद्रबाबू नायडू से लेकर के चंद्रशेखर राव तक हवाईजहाज लेकर देश भर में उड़ रहे थे। लेकिन पिछले करीब दो साल से सारी चर्चाएं थम गई थीं। अब फिर खबर है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भाजपा के खिलाफ तीसरा मोर्चा बनाने के लिए पूरे भारत का दौरा करेंगे। उन्होंने तय किया है कि दिसंबर में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम का चुनाव खत्म हो जाने के बाद वे देश के दौरे पर निकलेंगे। वे चेन्नई जाएंगे, एमके स्टालिन से मिलने और कोलकाता भी जाएंगे ममता बनर्जी से मिलने। वे निश्चित रूप से चंद्रबाबू नायडू से भी मिलेंगे। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों और सरकारी कंपनियों को बेचे जाने के विरोध में सबको एकजुट करेंगे और आंदोलन की तैयारी करेंगे।

असल में केसीआर इस समय भाजपा को लेकर चिंतित हैं। पिछले दिनों डुबाका विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा का जीतना उनके लिए उनके लिए खतरे की घंटी है। दिसंबर 2018 के आम चुनाव में यह सीट टीआरएस ने बड़े अंतर से जीती थी पर दो साल बाद ही उपचुनाव में वह सीट भाजपा जीत गई। इसके बाद ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के चुनाव की तैयारी भी भाजपा बड़े पैमाने पर कर रही है और उसने पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव को इस चुनाव का प्रभारी बनाया है। 150 सदस्यों के इस स्थानीय निकाय में पिछली बार टीआरएस ने 88 सीटें जीती थीं। इस बार उसे अपनी सीटें बचाए रखने की चुनौती है। अगर भाजपा वहां अच्छा प्रदर्शन करती है तो वह पूरे तेलंगाना को राजनीतिक आधार मजबूत करेगी। मुस्लिम आबादी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एमआईएम की मौजूदगी के कारण भी भाजपा को वहां संभावना दिख रही है। इसी चिंता में केसीआर तीसरा मोर्चा बनाने की मुहिम छेड़े हुए हैं।

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