अहमदाबाद और आगरा की भी सुनें

भारत में नीति आयोग की सलाह, उसने निष्कर्षों को लेकर काफी समय से सवाल उठ रहे हैं। पर कोरोना वायरस के संकट के समय नीति आयोग ने ऐसी बात कही है, जिसके लिए उसकी चौतरफा आलोचना हो रही है। नीति आयोग ने कहा है कि भारत में 16 मई के बाद कोरोना के मामले खत्म हो जाएंगे। इस तरह की बातों से लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है। आयोग की यह भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है, जब पिछले एक हफ्ते से लगभग हर दिन डेढ़ हजार नए मामले आ रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि किसी को यह नहीं समझना चाहिए कि कोरोना उसके पास नहीं पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।

अगर नीति आयोग ने अपना अनुमान जाहिर करने से पहले सिर्फ आगरा और अहमदाबाद के हालात के बारे में जान लिया होता तो शायद ऐसी बात नहीं होती। अहमदाबाद के नगर निगम आयुक्त विजय नेहरा ने कहा है कि अभी कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले जिस रफ्तार से दोगुने हो रहे हैं अगर यहीं रफ्तार रही तो मई अंत तक अहमदाबाद में आठ लाख मामले होंगे। इस समय चार दिन में मामले दोगुने हो रहे हैं। 15 मई तक ही संक्रमितों की संख्या 50 हजार पहुंच सकती है। इस ईमानदार आकलन के आधार पर मामलों को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए।

इसी तरह आगरा में भारतीय जनता पार्टी के मेयर हैं नवीन जैन उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह आगरा को बचाने का प्रयास करे वरना यह शहर भारत का वुहान बन जाएगा। फिलहाल आगरा में चार सौ संक्रमित हैं। सोचें, यह कितनी गंभीर बात है कि मेयर को इस बात की चिंता है कि आगरा भारत का वुहान बन सकता है। पर नीति आयोग को लग रहा है कि 16 मई के बाद मामले खत्म हो जाएंगे।

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