राजनीति

कर्नाटक में नैतिकता के नए पैमाने

कर्नाटक की भाजपा सरकार के नेता, मंत्री नैतिकता के नए पैमाने गढ़ रहे हैं। हैरानी की बात है नैतिकता, पवित्रता, आचरण आदि की सबसे ज्यादा बात करने वाली पार्टी या उसके मातृ संगठन आरएसएस की ओर से इस बारे में पहल करके कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यह तब हो रहा है, जब भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष कर्नाटक के ही हैं। ध्यान रहे राज्य की भाजपा सरकार के एक मंत्री रमेश जारकिहोली सेक्स सीडी के मामले में फंसे तो उनको इस्तीफा देना पड़ा है। वह सीडी आने के बाद छह मंत्रियों ने अदालत में जाकर अपने बारे में ऐसी किसी सीडी पर रोक लगाने की मांग की और अदालत ने रोक भी लगा दी।

अब संभावित सीडी पर रोक लगवाने वाले एक मंत्री के सुधाकर ने कहा है कि कर्नाटक विधानसभा के सदस्यों में कोई दूध से धुला नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी 225 विधायकों की जांच होनी चाहिए, जिससे पता चले कि उनके दूसरी महिलाओं से संबंध हैं या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सब मर्यादा पुरुषोत्तम बन रहे हैं, जांच हो तो हकीकत का पता चले। उन्होंने विपक्ष के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और एचडी कुमारस्वामी के साथ साथ पूर्व स्पीकर का भी नाम लिया और सवालिया लहजे में कहा कि क्या ये सब लोग पाक-साफ हैं? सोचें, भाजपा का एक मंत्री सभी विधायकों के बदचलन होने की बात करके खुद की संभावित बदचलनी को सही ठहराने का प्रयास कर रहा है!

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