टूटेंगी पुरानी ऐतिहासिक इमारतें! - Naya India
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टूटेंगी पुरानी ऐतिहासिक इमारतें!

सेंट्रल विस्टा का काम शुरू हो गया है। नई संसद बनाई जा रही है और उसके साथ साथ आसपास की कई इमारतों को तोड़ा जाएगा। हालांकि पुराने संसद भवन को बनाए रखना है। वहां संभवतः संसदीय संग्रहालय बनेगा। लेकिन उसके पास की कम से कम तीन इमारतें तोड़ी जानी हैं। बताया जा रहा है कि श्रम शक्ति भवन, ट्रांसपोर्ट भवन और रक्षा भवन को तोड़ कर उनकी जगह नई इमारत बनाई जाएगी। गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट के बीच कई नई इमारतें बननी हैं, जिनमें सरकारी विभागों के कार्यालय होंगे।

सेंट्रल विस्टा की योजना के मुताबिक ट्रांसपोर्ट भवन की जगह जो बिल्डिंग बनेगी उसमें सांसदों के चेंबर होंगे। यह पहली बार हो रहा है। पुराने संसद भवन में मंत्रियों के लिए तो कमरा होता था लेकिन सांसदों के लिए कोई कमरा नहीं होता था। वे या तो पार्टियों के दफ्तर में बैठते थे या सेंट्रल हॉल में बैठे रहते थे। कहा जा रहा है कि नई संसद में शायद सेंट्रल हॉल न हो। बहरहाल, सांसदों के लिए अलग चैंबर बनने का सभी पार्टियां स्वागत कर रही हैं।

दूसरी इमारतों के बारे में अभी बताया नहीं गया है कि उनकी जगह क्या बनाया जा रहा है। सेंट्रल विस्टा के निर्माण की वजह से इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर ऑफ आर्ट्स को भी वहां से हटाया गया है। उसकी जगह भी नई इमारत बनेगी। कोरोना वायरस के संकट के बीच इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का कहना है कि जब सारे प्रोजेक्ट रोक दिए गए तो इसे क्यों नहीं स्थगित किया जा रहा है? बहरहाल, नई संसद बनाने का ठेका टाटा समूह को मिला है और माना जा रहा है कि 2022 में आजादी की 75वीं सालगिरह के मौके पर नई संसद में कार्यवाही शुरू हो जाएगी।

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