निगरानी से बचने का कोई उपाय नहीं

यह कमाल हो गया। भारत सरकार पर आरोप लग रहे थे कि वह अलग अलग ऐप्स या किसी और तरीके से नागरिकों की निगरानी करा रही है। कई विपक्षी पार्टियों ने इस तरह के आरोप लगाए गए। इजराइल से पैगासस सॉफ्टवेयर खरीदने के खबरों के बाद इसे लेकर बहुत हंगामा हुआ था पर बात आई-गई हो गई। अब खबर है कि सरकार की ही निगरानी हो रही है। चीन भारत सरकार के प्रधानमंत्री से लेकर तमाम बड़े मंत्रियों, सैन्य अधिकारियों, नौकरशाहों, जजों आदि की निगरानी कर रहा है। इसमें सबसे बड़ी हैरानी और चिंता की बात है कि लंबे समय से चीन यह काम कर रहा है और भारत की सरकारों को पता ही नहीं चला। पिछली सरकार तो मान लेते हैं कि बहुत ‘निकम्मी’ थी लेकिन मौजूदा सरकार तो बहुत ‘चौकस’ सरकार है फिर क्यों नहीं इस निगरानी के बारे में पता चला?

असली चिंता की बात यह है कि चीन की कंपनी दस हजार महत्वपूर्ण भारतीयों की निगरानी कर रही है। उसके पास इस तरह की क्षमता है कि वह लाखों, करोड़ों लोगों की निगरानी कर सके। ऐसे में वह देश के सामाजिक, धार्मिक ताने-बाने को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है, राजनीति को प्रभावित करने का प्रयास कर सकता है, किसी समय आर्थिकी को चौपट करने का काम कर सकता है। पर भारत के पास उपाय क्या है? कुछ नहीं है। भारत में आम आदमी से लेकर सरकार में शीर्ष पर बैठे लोग भी एक जैसे ऐप्स और तकनीक का इस्तेमाल करते हैं और उनमें सेंधमारी बहुत आसानी है। भारत में मोबाइल और इंटरनेट सेवा देने वाली ज्यादातर कंपनियां चीन की तकनीक, हार्डवेयर आदि का ही इस्तेमाल करती हैं। इसके उलट चीन ने सब कुछ अपना बनाया हुआ है। उसके पास अपना सर्च इंजन है, अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है और सारी तकनीक अपनी है। इसलिए अभी चीन की निगरानी से बचने का कोई उपाय नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares