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कांग्रेस की महिला नेताओं की राजनीति

कांग्रेस पार्टी की नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा देने के तुरंत बाद भाजपा ज्वाइन कर ली और कहा कि कांग्रेस में अनेक बड़े नेता हैं, जिनको जमीनी हकीकत नहीं पता है। तमिल और हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री खुशबू का यह भी कहना है कि कांग्रेस में महिला नेताओं को आगे बढ़ने से रोका जाता है। अभी थोड़े दिन पहले हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर भी कांग्रेस से अलग हो गईं। उनसे पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने पार्टी छोड़ी थी। वे शिव सेना में शामिल हो गई थीं और शिव सेना ने उनको राज्यसभा सदस्य बना दिया है।

खुशबू सुंदर भी प्रियंका चतुर्वेदी जैसा कुछ हासिल होने की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि यह इतना आसान नहीं लग रहा है। कांग्रेस के कई नेता मान रहे हैं कि तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस एलायंस की सरकार बनने वाली है और उससे ठीक पहले खुशबू ने कांग्रेस छोड़ दी। अगर वे कांग्रेस के साथ रहतीं तो उन्हें कुछ फायदा हो सकता था। बहरहाल, खुशबू सुंदर के बयान के बाद कांग्रेस की युवा महिला नेताओं ने एकजुटता दिखाई है और साझा ट्विट करके इस बात से इनकार किया है कि पार्टी में उनको आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देब ने खुशबू सुंदर के दावे पर सवाल उठाया है और अपने साथ पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी, सुप्रिया श्रीनेत, रागिनी नायक, रीतिका खेड़ा आदि को जोड़ा है।

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By शंकर शरण

हिन्दी लेखक और राजनीति शास्त्र प्रोफेसर। जे.एन.यू., नई दिल्ली से सोवियत कम्युनिस्ट पार्टी पर पीएच.डी.। महाराजा सायाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा में राजनीति शास्त्र के पूर्व-प्रोफेसर। ‘नया इंडिया’  एवं  ‘दैनिक जागरण’  के स्तंभ-लेखक। भारत के महान विचारकों, मनीषियों के लेखन का गहरा व बारीक अध्ययन। उनके विचारों की रोशनी में राष्ट्र, धर्म, समाज के सामने प्रस्तुत चुनौतियों और खतरों को समझना और उनकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए लेखन का शगल। भारत पर कार्ल मार्क्स और मार्क्सवादी इतिहास लेखन, मुसलमानों की घर वापसी; गाँधी अहिंसा और राजनीति;  बुद्धिजीवियों की अफीम;  भारत में प्रचलित सेक्यूलरवाद; जिहादी आतंकवाद;  गाँधी के ब्रह्मचर्य प्रयोग;  आदि कई पुस्तकों के लेखक। प्रधान मंत्री द्वारा‘नचिकेता पुरस्कार’ (2003) तथा मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा ‘नरेश मेहता सम्मान’(2005), आदि से सम्मानित।

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