पीसीसी अध्यक्षों की नियुक्ति जल्दी

कांग्रेस पार्टी के जानकार सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति जल्दी ही होने वाली है। कई राज्यों में कांग्रेस तदर्थ व्यवस्था के तहत काम कर रही है। दो राज्यों में सरकार बनने के 14 महीने बाद भी प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान में उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ही अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वैसे भी कांग्रेस के नेता मानते हैं कि जहां पार्टी सरकार में होती है वहां संगठन का ज्यादा काम नहीं होता है। इसी सोच की वजह से कांग्रेस अपनी मौजूदा स्थिति तक पहुंची है।

बहरहाल, पिछले दिनों मध्य प्रदेश के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले। बताया जा रहा है कि उनको प्रदेश की कमान देने का मामला आगे बढ़ा है। पर दूसरा मामला यह भी है कि वे राज्यसभा की सीट चाहते हैं। अगर दोनों में से एक ही देने का फैसला हुआ तो हो सकता है कि मामला और टले। महाराष्ट्र में भी एक महीने पहले सरकार बनी है और प्रदेश अध्यक्ष बाला साहेब थोराट मंत्री बन गए हैं। वहां नया अध्यक्ष नियुक्त किया जाना है। कांग्रेस का कर्नाटक में भी नया अध्यक्ष नियुक्त करने का मामला टला हुआ है। सिद्धरमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान के बीच पार्टी के नेता एक नाम पर सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

दो राज्यों, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश कमेटी भंग कर दी गई है। इसको भी महीनों हो गए पर पार्टी फैसला नहीं कर पा रही है। राहुल गांधी ने गुजरात में अमित चावड़ा को अध्यक्ष बनाया था। पर राहुल के हटने के बाद चावड़ा की बनाई कमेटी भंग कर दी गई। अब यह अनिश्चितता है कि चावड़ा ही नई कमेटी बनाएंगे या नया अध्यक्ष बनेगा। यहीं स्थिति हिमाचल प्रदेश में है। वहां भी कुलदीप राठौड़ की बनाई कमेटी भंग कर दी गई है और नए अध्यक्ष का फैसला नहीं हो पा रहा है। आंध्र प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए ज्यादा मारामारी नहीं है पर तेलंगाना में नए अध्यक्ष के लिए आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार हैं।

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