कांग्रेस को दोनों जगह लगेगा झटका

बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में कांग्रेस पार्टी को झटका लगने वाला है। कांग्रेस के नेता दोनों राज्यों में राज्यसभा सीट की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनको लग रहा है कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल एक सीट कांग्रेस के लिए छोड़ेगी, जैसे उसने पिछली बार छोड़ा था। और झारखंड में पार्टी के कई प्रदेश नेताओं ने प्रभारी आरपीएन सिंह को समझाया हुआ है कि दूसरी सीट भी सत्तारूढ़ गठबंधन जीत सकती है। हालांकि इसकी कोई संभावना नहीं है। ध्यान रहे झारखंड में जेएमएम के पास 29 विधायक हैं। वह अपने सारे 29 वोट अपने उम्मीदवार को आवंटित करेगी। इसके बाद कांग्रेस के पास अपने 18 वोट बचते हैं। उसे एक सीट जीतने के लिए नौ वोट का इंतजाम करना होगा। दूसरी ओर भाजपा के पास अपने 26 वोट हैं और उसे सिर्फ एक वोट का इंतजाम करना होगा, जो कि उसके पास है। निर्दलीय विधायक अमित यादव उसके साथ हैं और पुरानी सहयोगी आजसू के भी दो वोट हैं। इसलिए कांग्रेस के लिए कोई उम्मीद नहीं है।

बिहार में पिछली बार राजद ने कांग्रेस के अखिलेश प्रसाद सिंह को एक सीट दी थी। उसी तरह इस बार भी कांग्रेस के नेता उम्मीद कर रहे हैं कि राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए लालू प्रसाद कांग्रेस के प्रति सद्भाव दिखाएंगे और एक सीट छोड़ेंगे। पर असल में इसकी कोई संभावना नहीं है। राज्य में एक सीट जीतने के लिए 41 वोट की जरूरत है और यह संख्या राजद अपने दम पर पूरी कर रही है। ध्यान रहे मौजूदा विधानसभा के दौरान यह तीसरा दोवार्षिक चुनाव है। पहली बार में राजद ने मीसा भारती और राम जेठमलानी को भेजा था। जेठमलानी के निधन के बाद यह सीट भाजपा को चली गई है। दूसरी बार में राजद ने मनोज कुमार झा और अशफाक अहमद करीम को सीट दी और एक सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी। इस बार राजद को अपना चुनावी समीकरण ठीक करना है, परिवार का एक सदस्य एडजस्ट करना है, चुनाव के लिए संसाधन की भी जरूरत है और सीट मिल रही है सिर्फ दो। तभी लग नहीं रहा है कि कांग्रेस के लिए वह सीट छोड़ेगी। फिर भी कांग्रेस के कई दिग्गज नेता जैसे तारिक अनवर, निखिल कुमार, मीरा कुमार आदि अपनी दावेदारी पेश किए हुए हैं।

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