सबके निशाने पर राजीव सातव

महाराष्ट्र के नेता राजीव सातव सबके निशाने पर हैं। वे राहुल गांधी के करीबी हैं और कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करके राहुल ने इस साल महाराष्ट्र में कांग्रेस को मिली राज्यसभा की एक सीट सातव को दिलाई। 2014 के लोकसभा चुनाव में जब महाराष्ट्र में कांग्रेस के दो सांसद जीते थे तब उसमें से एक राजीव सातव थे। वे 2019 का चुनाव हार गए और राहुल ने उसके बाद उनको गुजरात का प्रभारी बनवाया और 2020 में पहला मौका मिलते ही राज्यसभा में भेजा। इससे कांग्रेस के कई बड़े नेता चिढ़े हैं। सातव प्रभारी महासचिव के नाते सीडब्लुसी की बैठक में भी शामिल होते हैं और सांसदों की बैठक में भी हिस्सा लेते है और ऊपर से हर मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाते हैं।

सो, इस बार मौका मिलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके पीछे पड़ गए। पंजाब से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दुलों ने प्रत्यक्ष रूप से राहुल गांधी और उनके करीबी राजीव सातव को निशाना बनाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की कद्र नहीं है, उनकी अनदेखी हो रही है और उनकी बजाय चापलूसों को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ाया जा रहा है। राहुल के करीबियों को चापलूस कहने का हौसला दुलो ने ऐसे ही तो नहीं दिखाया होगा! तभी ऐसा लग रहा है कि तत्काल को सातव निशाने पर हैं लेकिन उनके बहाने सभी नए नेताओं और खुद राहुल को भी कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares