सीडब्लुसी का बदला ले रहे हैं वरिष्ठ नेता!

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता क्या कांग्रेस कार्यसमिति की पिछले महीने की बैठक में हुए अपमान का बदला ले रह हैं? कार्य समिति की बैठक में राहुल और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कई युवा नेताओं ने पार्टी के वरिष्ठ और बुजुर्ग नेताओं को निशाना बनाया था। इस बात के लिए उनको निशाना बनाया गया था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर हमला करने से बचते हैं, जबकि राहुल अकेले नेता हैं, जो सीधे मोदी से भिड़ रहे हैं। इस बात पर राजीव सातव, रणदीप सुरजेवाला, सुष्मिता देब आदि ने बुजुर्ग नेताओं को खूब खरी-खोटी सुनाई।

इससे युवा नेताओं की हिम्मत खुली तो पिछले हफ्ते कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों की बैठक में राजीव सातव ने फिर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हमला बोल दिया। पिछली बार विवाद आरपीएन सिंह के बयान के बाद शुरू हुआ था और इस बार कपिल सिब्बल के बयान से शुरू हुआ। सिब्बल ने कह दिया कि पार्टी के युवा नेताओं को आत्मचिंतन करना चाहिए। इस पर सातव ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपीए-दो की सरकार में मंत्री रहे लोग आत्मचिंतन करें। सातव ने तंज करते हुए कहा कि यूपीए-दो के समय कांग्रेस के दो सौ से ज्यादा सांसद थे, आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसके बाद के चुनाव में पार्टी के 44 सांसद रह गए।

राजीव सातव के इस बयान से कांग्रेस पुराने नेताओं को मौका मिल गया। ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि राज्यसभा सांसदों की बैठक में राहुल और प्रियंका तो नहीं ही थे, राहुल के बाकी करीब नेता भी इसमें नहीं थे। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल जरूर थे पर वे बड़े नेताओं के आगे बोल नहीं पाते हैं क्योंकि उनका कद बहुत छोटा है और राहुल गांधी ने जबरदस्ती उनको बड़ा नेता बनाया हुआ है। बहरहाल, राजीव सातव के बयान को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने एक नया ट्विस्ट दे दिया। उन्होंने कहा कि यह मनमोहन सिंह के कामकाज पर टिप्पणी है। ट्विट करके नेताओं ने कहा कि सातव ने मनमोहन सिंह के कामकाज पर सवाल उठाया और भाजपा को हमला करने का एक और मौका दे दिया है। सबको पता है कि सोनिया, राहुल और प्रियंका तीनों मनमोहन सिंह का सम्मान करते हैं। सो, बेचारे सातव फंस गए। उन्होंने शनिवार को एक के बाद एक चार ट्विट करके माफीनामा प्रकाशित किया। उन्होंने मनमोहन सिंह के कामकाज की जम कर तारीफ की और मीडिया पर आरोप मढ़ दिया कि उसने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। हालांकि सबको पता है कि किन लोगों ने सांसदों की बैठक की खबर लीक की। इसका मैसेज सिर्फ सातव के लिए नहीं, बल्कि युवा कांग्रेस के श्रीनिवास, महिला कांग्रेस की सुष्मिता देब, मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला आदि के लिए भी है।

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