nayaindia Congress silence tableau controversy झांकी विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी
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झांकी विवाद पर कांग्रेस की चुप्पी

Congress silence tableau controversy

गणतंत्र दिवस की झांकियों को लेकर जो विवाद हुआ है उस पर कांग्रेस पार्टी चुप है। अगर यह मुद्दा सचमुच संघवाद के लिए खतरे की तरह है तो जैसे कांग्रेस शासित राज्यों ने अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के नए नियमों के मसौदे को लेकर आपत्ति जताई है वैसी आपत्ति झांकियों के मामले में क्यों नहीं जताई? गणतंत्र दिवस की परेड में झांकियों को मंजूरी नहीं दिए जाने की लड़ाई पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु खुद लड़ रहे हैं। उसमें कांग्रेस कुछ नहीं कर रही है। Congress silence tableau controversy

कांग्रेस क्या इसलिए विरोध नहीं कर रही है क्योंकि उसकी और उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकार वाले राज्यों की झांकी को मंजूरी मिल गई है? कांग्रेस का इस समय तीन राज्यों में शासन है और उसमें से दो राज्यों की झांकी इस बार परेड में शामिल हो रही है। छत्तीसगढ़ और पंजाब की झांकियों को मंजूरी मिल गई है। छत्तीसगढ़ की झांकी में गोधन का महत्व दिखाया जाएगा, जो भाजपा की राजनीति को सूट करता है और पंजाब की झांकी में आजादी की लड़ाई में उसके योगदान को दिखाया गया है। वह भी देशभक्ति की मौजूदा राजनीति के लिहाज से भाजपा के अनुकूल है।

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इतना ही नहीं भाजपा की सहयोगी पार्टी शिव सेना के शासन वाले महाराष्ट्र की झांकी को भी मंजूरी मिल गई है। महाराष्ट्र की जैव विविधता को इसमें दिखाया जाएगा। तभी कांग्रेस आराम से बैठी है। अपने शासन वाले राज्यों की झांकी को मंजूरी मिल गई है इसलिए कांग्रेस को संघवाद पर कोई खतरा नहीं दिख रहा है। कुल 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी को इस बार मंजूरी मिली है। इसके अलावा केंद्र सरकार के विभागों की झांकियां शामिल की गई हैं। कहा गया है कि समय कम होने की वजह से इस बार कम झांकियां शामिल की गई हैं।

फिर भी उत्तर प्रदेश की झांकी लगातार दूसरे साल शामिल की गई है। इस बार उत्तर प्रदेश की झांकी में काशी कॉरिडोर को शामिल किया गया है। गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पहले चरण का लोकार्पण किया। उसी भव्य काशी, दिव्य काशी की झांकी देश को दिखाई जाएगी। इससे पहले पिछले साल भव्य अयोध्या की झांकी दिखाई गई थी। ध्यान रहे 2020 में प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया तो अगले साल उस मंदिर का प्रारुप राजपथ पर प्रदर्शित किया गया। मोदी ने 2021 में काशी कॉरिडोर का लोकार्पण किया तो 2022 की परेड में उसका प्रदर्शन होगा। बहरहाल, झांकियों के मामले में हर साल विवाद होता है। यह साल भी अपवाद नहीं है। सोशल मीडिया में एक विवाद नौसेना की झांकी को लेकर भी चल रहा है, जिसमें 1946 के नौसैनिक विद्रोह को दिखाया गया है। लेकिन जो तस्वीर सामने आई है उसमें फोटो रूस के नौसैनिक विद्रोह पर बनी एक फिल्म की दिख रही है।

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