गुजरात हाईकोर्ट के आकलन से हड़कंप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृह राज्य गुजरात में हड़कंप मचा है। पहले तो कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बनने की वजह से अफरातफरी मची थी और अब हाई कोर्ट के आकलन से हंगामा मचा हुआ है। गुजरात हाई कोर्ट ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, कोरोना वायरस से लड़ाई और टेस्टिंग की नीति को लेकर बहुत गंभीर सवाल उठाए हैं और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। दो अलग अलग मामलों में अदालत ने बहुत गंभीर टिप्पणियां की है। पहला मामला एक गुप्त चिट्ठी से शुरू हुआ। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अहमदाबाद सिविल अस्पताल के प्रसूति विभाग में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर ने यह चिट्ठी लिखी, जो कोरोना पॉजिटिव निकली है। उसने लिखा है कि अस्पतालों में जो डॉक्टर गैर कोविड-19 ड्यूटी पर हैं उन्हें पीपीई किट्स नहीं मिल पाती है, एन-95 मास्क नहीं मिलते हैं, दस्ताने भी अच्छी क्वालिटी के नहीं हैं और जांच भी नहीं होती है।

उसके मुताबिक सात सौ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों में से दस फीसदी की भी जांच नहीं हुई होगी। जो पॉजिटिव निकले हैं उन्हें एक होटल में रखा गया और कोई खोज-खबर नहीं ली जा रही है। इस चिट्ठी पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और यहां तक कहा कि सिविल अस्पताल की स्थिति कैदखाने जैसी लग रही है। सरकार को इस पर जवाब देना है और इसे लेकर बेतरह हंगामा मचा हुआ है। इस बीच हाई कोर्ट ने राज्य में कोरोना वायरस की टेस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाया। अदालत ने नाराजगी में यहां तक कहा कि क्या सरकार कृत्रिम तरीके से संक्रमित मरीजों की संख्या को कम दिखाना चाहती है। अदालत ने यह भी कहा कि क्या ज्यादा टेस्ट करेंगे तो ज्यादा संक्रमित सामने आएंगे और इससे घबराहट फैलेगी, इस तर्क से टेस्टिंग कम की जा सकती है या रोकी जा सकती है? गौरतलब है कि यह तर्क सरकार की ओर से दिया गया है। इस पर सरकार को जवाब देना है।

One thought on “गुजरात हाईकोर्ट के आकलन से हड़कंप

  1. Abhi tak mukhyamantri or cabinet or prashasak apne pado per bana hua hai bari durbhagya ki baat hai.Desh ko aajad hue kitne varshya hue…..neta sab ka aasali jagah kahi or hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares