नोटबंदी की तरह निर्देश बदले जा रहे

प्रधानमंत्री ने आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे नोटबंदी करने की जो घोषणा की थी उसके बाद अगले तीन महीने में भारतीय रिजर्व बैंक ने दर्जनों दिशा-निर्देश जारी किए थे। लगभग हर दिन सुबह 11-12 बजे प्रेस कांफ्रेंस में दिशा-निर्देश का एक सेट जारी होता था। उसी तरह देशबंदी यानी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन के दौर में हो रहा है। खास कर पिछले एक हफ्ते में। जब से सरकार ने लॉकडाउन के दूसरे चरण का ऐलान किया और यह कहा कि 20 अप्रैल से कुछ सेवाओं की छूट दी जाएगी। 20 अप्रैल के बाद से लगभग हर दिन छूट को लेकर नया दिशा-निर्देश जारी हो रहा है।

बीस अप्रैल से लेकर 25 तक केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों ने आम लोगों के साथ साथ सेवा प्रदाताओं और दुकानदारों तक को परेशान कर दिया। पहले कहा गया कि ई-कॉमर्स कंपनियां हर तरह के सामान की डिलीवरी कर सकेंगी। लेकिन एक दिन के बाद ही इसे बदल कर कहा गया कि सिर्फ जरूरी सामानों की डिलीवरी होगी। इसी तरह 24 अप्रैल से हर तरह की दुकानें खोलने का निर्देश जारी हुआ। सरकार का यह निर्देश ऐसी भाषा में लिखा था कि पंजाब के एक अधिकारी ने ट्विट करके लोगों से अपील की कि कोई उन्हें इसका मतलब समझाए। केंद्र को भी यह बात समझ में आई और उसने इसे नए निर्देशों के जरिए स्पष्ट किया। फिर भी लोगों में कंफ्यूजन रहा तो शनिवार की शाम को तीसरी बार इसे स्पष्ट किया गया। शराब की दुकानों को लेकर, सैलून को लेकर, ई-कॉमर्स को लेकर फिर निर्देश जारी हुआ। पता नहीं अब लोगों ने कितना समझा है। हां, दुकानें खुल गईं पर लोगों का यह चिंता भी है कि वे दुकानों तक जाएंगे कैसे, सड़कों पर तो पुलिस खड़ी होगी लाठी लेकर।

One thought on “नोटबंदी की तरह निर्देश बदले जा रहे

  1. जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप निर्देशो में आवश्यक सुधार जनहित में केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे है जो कि स्वागत योग्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares