लोग लॉकडाउन की तैयारी कर रहे हैं

सरकार कहे या न कहे पर लोग लॉकडाउन के एक और दौर की तैयारी कर रहे हैं। मन ही मन उनको इस बात का अंदाजा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए सरकार फिर लॉकडाउन करेगी। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को वह सब दिख रहा है, जो देश में हो रहा है। आखिर राजस्थान सरकार ने संक्रमण रोकने के लिए अपनी सीमाएं फिर से सील कर दी हैं। पश्चिम बंगाल की सरकार ने 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है। मिजोरम की सरकार ने भी दस जून से दो हफ्ते के लिए लॉकडाउन बढ़ाया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी है कि अगर लोग लॉकडाउन से मिली छूट का फायदा उठा कर मनमानी करते रहे तो सरकार को सारी छूट वापस लेनी पड़ेगी। इन सारी बातों का लब्बोलुआब यह है कि सरकार कुछ भी कहे और सरकारी दल राजनीतिक गतिविधियां चला कर लोगों को जितना भी भरोसा दिलाना चाहें लोग हकीकत समझ रहे हैं।

तभी दिल्ली और देश के दूसरे तमाम शहरों से रिपोर्ट है कि जरूरी चीजों को छोड़ कर दूसरी किसी चीज की मांग नहीं बढ़ी है। अनलॉक-एक में लोग घूमने जरूर निकले पर खरीददारी सिर्फ जरूरी चीजों की कर रहे हैं। बाजार में जरूरी चीजों का स्टॉक कम हो रहा है। लोग खरीद कर स्टोर कर रहे हैं क्योंकि उनको अंदाजा है कि इस बार ज्यादा सख्त लॉकडाउन लागू हो सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से छोटे-बड़े उद्यमियों की ओर से मजदूरों को रोकने के भरपूर प्रयास हो रहे हैं। सब कुछ सामान्य होने की बात करके उन्हें रोका जा रहा है कि या गांवों से वापस बुलाने का प्रयास हो रहा है पर इसमें सफलता नहीं मिल रही है। रेलवे की अपनी रिपोर्ट है कि दिल्ली, मुंबई से जो ट्रेनें बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल या असम जा रही हैं उनमें क्षमता से डेढ़ गुना बुकिंग हो रही है। 130 से 151 फीसदी तक बुकिंग हो रही है पर उधर से लौटने वाली ट्रेनों में ज्यादा से ज्यादा 30 फीसदी सीटें भर रही हैं। यानी अभी मजदूरों का भी लौटने का इरादा नहीं है।

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