भारत में अंधों के हाथी वाली मीटिंगे

पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन में छूट देने और गैरजरूरी सामानों की बिक्री के बारे में एक अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद पंजाब सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ट्विट करके तंज करते हुए कहा था कि कोई सरल भाषा में इसका मतलब समझा दे। सरकार को दो बार इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। उसी तरह सोमवार को प्रधानमंत्री के साथ हुई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक के मामले में हो रहा है। किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर उस बैठक में क्या हुआ? जो बातें हुईं उनका असली मतलब क्या है?

मजेदार बात यह है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी करके बैठक के बारे में बताया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी बयान जारी करके जानकारी दी। पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री ने तो बाजाप्ता वीडियो कांफ्रेंसिंग करके बताया कि बैठक में क्या हुआ। इसके बाद भी अगले दिन यानी मंगलवार को अखबारों की हेडलाइन जो बनी उनसे लगा कि सब ने बैठक की व्याख्या अंधों के हाथी की तरह की है। जिस तरह एक अंधे ने हाथी की पूंछ पकड़ी तो कहा कि यह रस्सी है और दूसरे ने पैर पकड़ा तो खंभा बताया। उसी तरह एक अखबार ने कहा कि लॉकडाउन खत्म होगा तो दूसरे ने लिखा कि लॉकडाउन तीन मई के बाद भी जारी रहेगा।

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बैठक की पूरी कार्रवाई को और उसके बाद जारी बयान को इसी तरह कई परतों में लपेट कर पेश किया गया। स्पष्ट रूप से कोई फैसला नहीं हुआ और न किसी बात पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन सार्थक रहा और इससे हजारों जिंदगियां बचाई गईं। पर यह सार्थक लॉकडाउन जारी रहेगा या नहीं रहेगा इसके बारे में कुछ नहीं कहा गया। यह भी नहीं कहा गया कि कोई भी अगली घोषणा कब होगी।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिए राज्यों के प्रयास, संक्रमण से प्रभावित रेड जोन इलाकों को कम प्रभाव वाले ऑरेंज जोन में और फिर संक्रमण मुक्त ग्रीन जोन में तब्दील करने पर केंद्रित होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य नीतियां बनाएं कि यातायात कैसे बहाल होगा, बुजुर्ग घरों से निकलें या नहीं, दुकानें खुलें या नहीं आदि। सवाल है कि जब ये सारी नीतियां राज्यों को बनानी हैं और उन्हीं को इन पर अमल करना है तो पहले दो घोषणा प्रधानमंत्री ने क्यों की और केंद्रीय गृह मंत्रालय निर्देश जारी करके राज्यों को क्यों उनका पालन करने के लिए बाध्य कर रहा है? प्रधानमंत्री ने कहा कि मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल लंबे समय तक होता रहेगा और खतरा अभी टला नहीं है तो इससे लोगों ने निष्कर्ष निकाला कि लॉकडाउन जारी रहेगा। फिर उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है तो कुछ लोगों ने निष्कर्ष निकाला कि लॉकडाउन खत्म होगा। जो समझदार थे, उन्होंने लिख दिया कि लॉकडाउन जारी भी रहेगा और हटेगा भी।

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