रक्षा उपकरणों को लेकर बड़ा फैसला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने 101 रक्षा उपकरणों को आयात की निगेटिव सूची में डालने की घोषणा की है। यानी सरकार अब इन उपकरणों का आयात नहीं करेगी। घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छा फैसला है पर इसके साथ ही चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। भारत में रक्षा उद्योग की स्थिति ठीक-ठाक है पर वे ज्यादा मात्रा में और गुणवत्तापूर्ण उपकरणों का उत्पादन इसलिए नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं होता है कि सरकार उनके उत्पाद खरीदेगी। इस घोषणा के साथ ही सरकार को उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए कि वे सेना की ओर से जरूरत के सामानों का ऑर्डर मिलेगा।

घरेलू रक्षा उद्योगों को लेकर जहां भी कोई विवाद है उसे जल्दी से जल्दी सुलझाना चाहिए। जैसे अमेठी में रूस की मदद से असाल्ट राइफल बनाने की फैक्टरी के उत्पादों की कीमत को लेकर विवाद है तो उसे जितनी जल्दी सुलझाया जाए अच्छा होगा। साथ ही सरकार को इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से ही आगे बढ़ना चाहिए ताकि सेना को किसी भी चीज की कमी न पड़े। ऐसी कोई जल्दी नहीं करनी चाहिए, जैसे अर्धसैनिक बलों की कैंटीन से सिर्फ देशी सामान बेचने की घोषणा हुई थी और गृह मंत्रालय को तुरंत ही वह फैसला वापस करना पड़ा था। उम्मीद है कि इस बार सरकार ने सोच समझ कर पहल की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares