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कांग्रेस और आप साथ-साथ हैं!

दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी क्या साथ-साथ हैं? कांग्रेस और आप दोनों के नेता इस बात से इनकार कर रहे हैं। एक-दूसरे का विरोध भी कर रहे हैं। पर ऐसा लग रहा है कि भाजपा को रोकने के लिए दोनों पार्टियों ने अंदरखाने हाथ मिला लिया है। वैसे चर्चा तो यह भी है कि चुनाव में दोनों पार्टियां मिल कर लड़ सकती हैं। पर अगर ऐसा नहीं होता है तब भी यह तय है कि दोनों के बीच अंदरखाने तालमेल रहेगा। कांग्रेस पार्टी ऐसा कोई काम नहीं करेगी, जिससे आप को नुकसान हो।

कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष चुनने में ही इस बात का संकेत दे दिया कि उसका मकसद भाजपा के वोट बिगाड़ने का है। कांग्रेस ने करीब 20 साल पहले कांग्रेस के अध्यक्ष रहे बुजुर्ग नेता सुभाष चोपड़ा को अध्यक्ष बनाया है। सुभाष चोपड़ा उस समय कांग्रेस के अध्यक्ष थे, जब शीला दीक्षित दिल्ली में मुख्यमंत्री थीं। तब औपचारिकता के लिए पंजाबी अध्यक्ष बनाया गया था। सबको पता है कि पंजाबी और वैश्य वोट भाजपा का कोर वोट है। फिर भी कांग्रेस ने पंजाबी अध्यक्ष बनाया है तो मकसद साफ है कि उसे भाजपा के कोर वोट में सेंध लगानी है।

असल में कांग्रेस को लग रहा है कि भाजपा में इस समय कोई पंजाबी चेहरा प्रमुखता से आगे नहीं किया गया है। बिहार के रहने वाले मनोज तिवारी प्रदेश अध्यक्ष हैं और उनके मुकाबले जो नेता रेस में हैं वे विजय गोयल, विजेंद्र गुप्ता, प्रवेश वर्मा आदि हैं। तभी कांग्रेस को लग रहा है कि वह पंजाबी वोट में सेंध लगा सकती है। कांग्रेस को यह भी अंदाजा है कि भाजपा का पारंपरिक वैश्य वोट टूटा है और उसका एक बड़ा हिस्सा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ है। इसलिए कांग्रेस ने जयप्रकाश अग्रवाल को अध्यक्ष नहीं बनाया।

प्रवासी वोट में कंफ्यूजन न हो इसलिए कीर्ति आजाद को अध्यक्ष नहीं बनाया गया। उनको कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया है। जानकार सूत्रों का कहना है कि केजरीवाल और कांग्रेस में अंदरखाने बात हुई है। असल में केजरीवाल भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन से परेशान हुए थे। ध्यान रहे दिल्ली की सात में से पांच सीटों पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस का वह प्रदर्शन शीला दीक्षित की वजह से भी था, जो अब नहीं हैं। फिर भी केजरीवाल जोखिम नहीं लेना चाहते। बताया जा रहा है कि चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों का चयन इस तरह करेगी कि भाजपा को नुकसान हो। प्रवासी और अल्पसंख्यक वोट न बंटे इसका खास ध्यान रखा जाएगा।

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