शाहीन बाग प्रदर्शन अब खत्म हो जाएगा?

दिल्ली का विधानसभा चुनाव खत्म हो गया तो क्या अब जामिया मिलिया इस्लामिया के शाहीन बाग इलाके में चल रहा प्रदर्शन भी खत्म हो जाएगा? यह प्रदर्शन पिछले 55 दिन से चल रहा है। संशोधित नागरिकता कानून, सीएए के विरोध में मुस्लिम समाज की बुजुर्ग महिलाओं ने इसकी शुरुआत की थी। उसके बाद से यह पूरे देश में सीएए विरोधी आंदोलन का प्रतीक बन गया। इसके बावजूद दिल्ली में चल रहे धरने के बारे में यह धारणा बनी कि इसका संबंध दिल्ली के विधानसभा चुनाव से है और जैसे ही चुनाव खत्म होगा वैसे ही धरना भी खत्म हो जाएगा।

अब सवाल है कि क्या सचमुच ऐसा होगा और होगा तो कैसे होगा? ध्यान रहे शाहीन बाग का धरना खत्म कराने की अब तक कोई भी गंभीर प्रयास नहीं हुआ है। न तो सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पहल हुई है और न पुलिस कार्रवाई के जरिए इसे हटाने का प्रयास हुआ है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट पुलिस को निर्देश दे चुकी है कि वह धरने पर बैठे लोगों से बात करके उनको वहां से हटाए। पुलिस ने कुछ स्थानीय लोगों से और कारोबारियों से बात की पर कोई नतीजा नहीं निकला।

अब सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इसी मामले में सुनवाई है। आठ को मतदान खत्म हो रहा है और दस फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई होगी। सर्वोच्च अदालत सीधा निर्देश दे सकती है कि जिस सड़क पर लोग धरने पर बैठे हैं उसे खाली कराया जाए। फिर अपने आप धरना खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी बातचीत का निर्देश दिया तो फिर सरकार को पहल करनी होगी। क्योंकि सिर्फ पुलिस की पहल से वहां धरने पर बैठे लोग हटने वाले हैं।

जानकार सूत्रों का कहना है कि चुनाव खत्म होने के बाद सरकार को पहल करने में कोई दिक्कत नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारी भी चाहते हैं कि सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बात करे तो वे धरना खत्म करें। असल में वे भी इसका सम्मानजनक अंत चाहते हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि सीएए से भारत के किसी भी मुस्लिम की नागरिकता का कोई खतरा नहीं है और सरकार फिलहाल एनआरसी नहीं लाने जा रही है। यहीं बात वहां पर सरकार की ओर से कोई मंत्री या नेता जाकर कह देगा तो धरना खत्म हो जाएगा। अगर आगे भी इसका राजनीतिक लाभ लेना है तो पुलिस कार्रवाई के जरिए भी इसे खत्म करने का प्रयास हो सकता है। बहरहाल, 11 फरवरी को आने वाले नतीजों से पता चलेगा कि इतने लंबे धरने का आखिरी किसको क्या लाभ हुआ।

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