भाजपा और विपक्ष की राजनीति का फर्क - Naya India
राजनीति| नया इंडिया|

भाजपा और विपक्ष की राजनीति का फर्क

कोरोना वायरस की पूरी महामारी के दौरान और खास कर अभी पिछले दो-तीन महीनों से भारतीय जनता पार्टी जैसी राजनीति कर रही है उससे उसकी और विपक्ष की राजनीति का एक बार फिर अंतर दिखा है। सत्ता में होने के बावजूद भाजपा के नेता पूरे देश में राजनीति कर रहे है और भागदौड़ कर रहे हैं लेकिन दूसरी ओर विपक्ष में होने के बावजूद कांग्रेस, लेफ्ट या दूसरे प्रादेशिक क्षत्रप चुपचाप बैठे तमाशा देख रहे हैं। कई क्षत्रपों का तो पता ही नहीं चल रहा है कि  वे क्या कर रहे हैं। अगले चार महीने में पांच राज्यों मे चुनाव होना है और उसके अगले साल फिर सात राज्यों के चुनाव हैं पर विपक्ष की कोई तैयारी नहीं दिख रही है।

सोचें, भाजपा को लोकसभा में प्रचंड बहुमत है। उसके अपने 303 सांसद हैं। राज्यसभा में उसके एक सौ सांसद होने वाले हैं और ऐसा पिछले दो दशक में पहली बार होने वाला है कि किसी पार्टी को उच्च सदन में एक सौ सांसद हों। डेढ़ दर्जन राज्यों में भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद उसके नेता चैन से नहीं बैठ रहे हैं। अमित शाह कोरोना वायरस से ग्रसित हुए और कोरोना के बाद उसकी समस्याओं की वजह से उनको तीन बार अस्पताल में भरती करना पड़ा फिर भी वे मिदनापुर, बीरभूम, बोलपुर, गुवाहाटी का दौरा कर रहे हैं, रोडशो कर रहे हैं, हैदराबाद में रोडशो करके पार्टी का प्रचार करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छोटे से छोटे कार्यक्रम का उद्घाटन, शिलान्यास कर रहे हैं और हर दिन भाषण देकर देश के सामने अपना एजेंडा रख रहे हैं। लेकिन क्या राहुल गांधी एक बार भी बंगाल के दौरे पर गए हैं या असम का दौरा किया है, तमिलनाडु गए हैं? वे इटली गए हैं! उनके इटली जाने में कोई दिक्कत नहीं है पर बंगाल भी तो जाएं!

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

});