गोवा में चुनाव, दिल्ली में कोंकणी अकादमी!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक महत्वाकांक्षा एक बार फिर जोर मार रही है। वे दिल्ली से बाहर कई राज्यों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें एक राज्य गोवा भी है, जहां अगले साल के शुरू में चुनाव होने वाले हैं। एक साल से थोड़ा ज्यादा समय गोवा के चुनाव में है और केजरीवाल ने तैयारी शुरू कर दी है। इस तैयारी के सिलसिले में उन्होंने एक बड़ा फैसला किया है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में एक कोंकणी अकादमी बनाने का फैसला किया है। हालांकि ऐसा नहीं है कि कोंकणी को लेकर कोई आंदोलन चल रहा था या कोंकणी भाषी लोग अकादमी बनाने की मांग कर रहे थे। पर चूंकि गोवा में कोंकणी बोलने वाली आबादी बहुत बड़ी है और वह एक तरह से कोंकण का ही इलाका है। इसलिए केजरीवाल ने गोवा के चुनाव का पहला दांव दिल्ली से चला है। ध्यान रहे गोवा की आबादी 18 लाख है, जिसमें से आठ लाख कोंकणी बोलने वाले लोग हैं।

इसी तरह वे पंजाब में अगले साल होने वाले चुनाव का दांव दिल्ली से चल रहे हैं और जबरदस्ती किसान आंदोलन में सेवादार बने हैं, जबकि उन्होंने केंद्र के बनाए तीन कृषि कानूनों में से एक कानून को दिल्ली में अधिसूचित कर दिया है। बहरहाल, पिछले चुनाव में उनकी पार्टी को गोवा में कोई सफलता हाथ नहीं लगी थी। लगभग सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। लेकिन इससे केजरीवाल ने हिम्मत नहीं हारी है। वे दिल्ली में कोंकणी अकादमी बना कर अगले एक साल तक सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रयास करेंगे। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र और गोवा के कई कोंकणी भाषी लोग, जिनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है वे केजरीवाल से जुड़े हैं और वे लोग इस अकादमी के गठन और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे। पंजाब और गोवा के साथ साथ केजरीवाल की नजर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी है। वे इन दोनों राज्यों में भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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