हरियाणा सरकार का सद्भाव दिखाना

हरियाणा की भाजपा सरकार जो अब तक किसानों को हर कदम पर रोक रही थी, उनके लिए बाधा खड़ी कर रही थी उसने अचानक सद्भाव दिखाना शुरू कर दिया। राज्य सरकार ने किसानों की ट्रैक्टर रैली को अनुमति दे दी। गौरतलब है कि किसानों ने पहले छह जनवरी को रैली निकालने का फैसला किया था लेकिन खराब मौसम की वजह से इसे टाल दिया गया और सात जनवरी को रैली निकाली गई। मोटे तौर पर यह रैली हरियाणा के इलाके में ही रही। किसानों ने दिल्ली की चौहद्दी पर ईस्टर्न और वेस्टर्न फेरिफेरल में रैली की। कोंडली-मानेसर-पलवल यानी केएमपी एक्सप्रेसवे पर उनकी रैली रही, जिसकी इजाजत राज्य सरकार ने दे दी थी।

इससे पहले राज्य सरकार ने किसानों को हरियाणा से आगे बढ़ने और दिल्ली तक पहुंचने से रोकने के लिए जी जान लगा दी थी। पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सरकार ने सड़कें खुदवा दीं। हाईवे खोद दिए गए ताकि किसान आगे न बढ़ें। कड़ाके की ठंड में उन पर पानी की बौछार की गई और लाठियां भी चलाई गईं। किसानों ने अंबाला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की गाड़ी रोकी और काले झंडे दिखाए तो कई किसानों के ऊपर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हो गया। लेकिन अब अचानक सरकार ने सद्भाव दिखाया तो किसान भी हैरान हुए। असल में किसानों का आंदोलन जितना लंबा होता जा रहा है राज्य सरकार पर खतरा उतना बढ़ता जा रहा है। भाजपा और उसकी सहयोगी जजपा दोनों परेशान हैं। दोनों पार्टियों के नेताओं के ऊपर विधायकों का दबाव है कि वे किसानों के प्रति सद्भाव दिखाएं। इस मजबूरी में सरकार सद्भाव दिखा रही है।

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