state election modi government चुनावी मजबूरी में फैसले
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चुनावी मजबूरी में फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य सरकार ने चार धाम देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से इसकी चर्चा हो रही थी। राज्य के मंदिरों के पुजारी काफी समय से देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे थे। कुछ समय पहले जब प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ गए थे तब भी उम्मीद की जा रही थी कि सरकार राज्य के 51 मंदिरों को अपने नियंत्रण में लेने के लिए बनाए गए कानून और देवस्थानम बोर्ड को भंग कर देगी। लेकिन तब ऐसा नहीं किया गया। अब चुनाव नजदीक आने और प्रधानमंत्री की रैली से पहले इसकी घोषणा हुई है। यह कानून त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में बना था, जिनको मुख्यमंत्री पद से हटे हुए आठ महीने हो गए हैं। अब जाकर जब चुनाव नजदीक आया है तो यह विवादित कानून रद्द किया गया है। state election modi government

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इसी तरह चुनावी मजबूरी में ही केंद्र सरकार ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला किया। सरकार ने सिर्फ कानून रद्द किए, बल्कि पराली जलाने को अपराध बनाने का कानून भी बदला, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्देश भेजा और अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी कमेटी बना कर फैसला करने का ऐलान कर दिया है। ऐसे ही पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने के लिए उत्पाद शुल्क में कटौती का फैसला भी चुनाव को देखते हुए किया गया। सरकार इनमें और कमी के लिए आपात भंडार से तेल निकालने की योजना पर भी काम कर रही है।

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